पशुपालन में छिपा है किसानों की खुशहाली का राज
पुष्यमित्र चार-पांच साल पहले झारखंड के एक गांव गया था । वह गांव सब्जी उत्पादन में अव्वल था । वहां
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
पुष्यमित्र चार-पांच साल पहले झारखंड के एक गांव गया था । वह गांव सब्जी उत्पादन में अव्वल था । वहां
शिरीष खरे भारत में ग्रामीण और शहरी अंचल के लिए निर्धनता का निर्धारण अलग-अलग तरह से होता है। एक आंकड़े
दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान का एक दौर निपट चुका है। दूसरा व अन्तिम चरण
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार ”जब आप किसी संस्थान से जुड़ते हैं तो ये पता नहीं होता कि
दयाशंकर जी के फेसबुक वॉल से साभार कभी-कभी गुस्से की छाया, निराशा, ठगे जाने के बोध के बीच हम स्वयं
शिरीष खरे गांव क्या है? अवधारणाओं में जब भी इसे ढूंढ़ने-समझने की कोशिश की तो इससे जुड़ी व्याख्याओं में मुख्य
वीरेन नन्दा बचपन की यादों में लौटना केवल वही चाहते खोना बचपन के दिन ममता में जिनके बीते समता में बीते
ब्रह्मानंद ठाकुर बंशी बाबा आज जब बहुत दिनों के बाद गांव आए तो मनकचोटन भाई, बटेसर, झिंगुरी सिंह, फुलकेसर , बदरुआ,
पुष्य मित्र वैसे तो छठ मुख्यतः बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला पर्व है, फिर
अनुशक्ति सिंह के फेसबुक वॉल से साभार कभी किसी को कहते सुना था, जहाँ न जाये रवि वहाँ जाये बिहारी.