खर्राटामय ‘संगीत’ और प्रयागराज का यादगार सफर
शरद अवस्थी के फेसबुक वॉल से साभार रातके लगभग 12 बजने को आए, प्रयागराज एक्सप्रेस केबी1 कोचकी मिडिल बर्थ पर
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
शरद अवस्थी के फेसबुक वॉल से साभार रातके लगभग 12 बजने को आए, प्रयागराज एक्सप्रेस केबी1 कोचकी मिडिल बर्थ पर
ब्रह्मानंद ठाकुर लाईन जब कट गया तब बदरुआ, फुलकेसरा और बटेसर अप्पन-अप्पन टिन हीं छिपा खेत के आडी पर रख
प्रेमकुमार मणि के फेसबुक वॉल से साभार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में 5 दिसम्बर को सुबह 9 बजे आरएसएस संरक्षित
दयाशंकर जी के फेसबुक वॉल से साभार ‘डियर जिंदगी’ को देशभर से पाठकों का स्नेह मिल रहा है. हमें हर
ब्रह्मानंद ठाकुर होश संभालते ही देखा शीशम के खम्भे पर टिका फूस का घर । बाहर से टाटी से घिरे
ब्रह्मानंद ठाकुर बात आज से 102 साल पहले की है। राजेन्द्र बाबू 1916 में कलकत्ता ( अब कोलकाता ) से वकालत
बदलाव प्रतिनिधि, देवरिया देवरिया की एक बेटी की ज़िंदगी शादी के महज 3 महीनों में ही नर्क बन गई। वो
ब्रह्मानंद ठाकुर मनकचोटन भाई के दलान पर आज की बतकही का मुद्दा सरकारी किसान चौपाल का था। बात यह थी
टीम बदलाव पिछले 6 महीने में देश का अन्नदाता तीसरी बार लोकतंत्र के मंदिर पर मत्था टेकने आ चुका है
वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के फेसबुक वॉल से साभार मेरा रिपोर्टर-मन नहीं माना! दो दिन से तबीयत कुछ ठीक नहीं लग