कश्मीरियों के लिए एक ही विकल्प है-भारत, मगर दिल पर दें दस्तक
ब्रह्मानंद ठाकुर कश्मीरी मूल के हिन्दी लेखक डाक्टर निदा नवाज पिछले दिनों मुजफ्फरपुर आए। डाक्टर निदा नवाज को उनकी पुस्तक
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानंद ठाकुर कश्मीरी मूल के हिन्दी लेखक डाक्टर निदा नवाज पिछले दिनों मुजफ्फरपुर आए। डाक्टर निदा नवाज को उनकी पुस्तक
श्वेता जया के फेसबुक वॉल से साभार क्या आपने गाँव को करीब से देखा है? खपरैल के घर, फूस की
शिरीष खरे कृषि क्षेत्र में कई शब्द प्रचलित हैं। इनमें से कई के अर्थ और उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी
शिरीष खरे आजादी के सात दशक बाद तक भूमि की संरचना पहले की तरह ही असमान है। आज भी साठ
शिरीष खरे आजकल देश में किसानों का बड़ा आंदोलन खड़ा करने की कोशिश चल रही है । जिसमें देशभर से
ब्रह्मानंद ठाकुर कश्मीर घाटी आज आतंकवाद की मार झेल रही है । एक तरफ आतंकवाद और दूसरी तरफ सियासी चालबाजी
अखिलेश्वर पांडेय कम पानी वाले पोखर की मछलियां दुबरा गयीं हैं ऊसर पड़े खेतों की मेढ़ें रो रही हैं बेरोजगार
शिरीष खरे विशेष तौर पर सत्तर के दशक में गांवों के लिए कई परियोजनाएं और कार्यक्रम चलाए गए। इसके पीछे
टीम बदलाव 20 नवंबर को इंडिया न्यूज़ के साथ निखिल दुबे ने बतौर एग्जीक्यूटिव एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत
ब्रह्मानंद ठाकुर मनकचोटन भाई के दलान पर सांझ होते ही हमेशा की तरह आज भी टोला के लोगों का जुटान होने