किसानों के ‘हमदर्द’ मंत्रीजी का गणित गड़बड़ है
ब्रह्मानंद ठाकुर आज मनकचोटन भाई के दलान पर खूब गहमागहमी है। बटेसर, परसन कक्का , चुल्हन भाई, धरीच्छन, बिल्टू उस्ताद,
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानंद ठाकुर आज मनकचोटन भाई के दलान पर खूब गहमागहमी है। बटेसर, परसन कक्का , चुल्हन भाई, धरीच्छन, बिल्टू उस्ताद,
वैश्वीकरण के आर्थिक परिणामों और तकनीकी परिवर्तन के प्रभाव को सभी गहराई से समझते हैं। कारखानों के स्वसंचालन ने पारम्परिक
सत्येंद्र कुमार यादव 2016 की बात है । उस वक्त मेरा बेटा अथर्व करीब 2 साल का होगा। उसकी मां
पुष्यमित्र क्या आपको पता है कि आप अपने घरेलू गैस सिलिंडर की कितनी कीमत चुका रहे हैं? जब से खाते
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर जिले के प्रगतिशील किसानों की बैठक 22 अक्टूबर को शहीद खुदीराम बोस – प्रफुल्ल चाकी स्मारक स्थल
कुमार प्रशांत ‘मीटू’ अब महज एक शब्दभर नहीं है, एक नया सहचारी भाव हमारे जमाने में दाखिल हुआ है। इसका
पशुपति शर्मा नशे में है कौन नहीं और किसमें है नशा नहीं है नशा उन्हीं में जो कहते मुझमें नशा
डा. सुधांशु कुमार इधर मी-टू ने पाँच-दस दिनों में जितना रायता फैला कर दस-बीस लोगों की साँस साँसत में डाल
धीरेंद्र पुंडीर दशहरा और नीलकंठ। “नीलकंठ तुम नीले रहियो हमारी बात राम से कहियो”। पता नहीं कि अब हमको अपनी
शुरुआत से ही मोदी सरकार को विपक्षी पार्टियों ने सूट-बूट वाली सरकार का तमगा दिया तो ऐसा लग रहा था