गोली धीरे से चलइयो… ‘सरकार’!
बहुत दिनों के बाद पिछले दिनों गाँव जाना हुआ। मेरा गाँव बुंदेलखण्ड के दक्षिणी छोर पर चम्बल और यमुना नदी
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
बहुत दिनों के बाद पिछले दिनों गाँव जाना हुआ। मेरा गाँव बुंदेलखण्ड के दक्षिणी छोर पर चम्बल और यमुना नदी
शीर्षक को समझने के लिए आपको यह लेख पूरा पढ़ने की ज़हमत उठानी होगी। यह रिपोर्ट जो मैं लिख रहा
क्या हमारे गांव के खेत को भी पानी मिलेगा? क्या अब कभी सूखे की मार नहीं पड़ेगी? क्या पानी के
सोमवार को नई दिल्ली में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जो देश की सियासत में गाहे–बगाहे ही मिलती है।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारीबाग के बरही में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की शुरुआत करते हुए दूसरी हरित
एमएलसी चुनाव के बहाने बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सियासत एक बार फिर सुगबुगाने लगी है। इन दिनों एमएलसी
पहाड़ पर खेतों से खर पतवार निकाल जमीन में बीज रोपती हैं पहाड़ी औरतें | वे बैल हैं और हल
मोदी सरकार द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत किये जाने के बाद से देश में मॉडल विलेज बनाये जाने