कोसी में जल प्रलय के 11 बरस और डरे-सहमे लोग
पुष्यमित्र इन दिनों 2008 की कोसी बाढ़ के इलाके में घूम रहा हूं। यह इलाका नेपाल से सटा है और
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
पुष्यमित्र इन दिनों 2008 की कोसी बाढ़ के इलाके में घूम रहा हूं। यह इलाका नेपाल से सटा है और
आशीष सागर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सुनने में ये स्लोगन काफी अच्छा लगता है, लेकिन इसको साकार करने के लिए हमारा
पुरु शर्मा विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं की रमणीय वादियों की गोद में बसा अलौकिक शक्ति और आस्था का केंद्र करीला धाम।
वर्ष 2019 के ‘कारवां-ए-हबीब सम्मान’ के लिये हम सबके प्रिय रंगकर्मी, निर्देशक, गांधीवादी चिंतक एवं एक्टिविस्ट प्रसन्ना को हार्दिक बधाई
राकेश कायस्थ अगर आप हिंदी फिल्में देखते हैं तो कर्मा के डॉक्टर डैंग का किरदार याद होगा। वही डॉक्टर डैंग
बदलाव प्रतिनिधि, जौनपुर पिछले 9 बरस में उत्तर प्रदेश और देश में सरकारें बदल गईं, मुख्यमंत्री बदल गए लेकिन नहीं
सत्येंद्र कुमार यादव अपनी शर्तों पर चलना आसान नहीं होता। सामाजिक मान्यताओं, धारणाओं को तोड़ना सबके बस की बात नहीं
रवीन्द्र त्रिपाठी किसी बड़े रचनाकार की जन्मशती के मौके पर ये सवाल उठ सकता है कि उसे किस रूप में
पुष्यमित्र पारिवारिक वजहों से लगभग आधा अगस्त महीना सहरसा आते-जाते गुजरा। इस दौरान मैने महसूस किया कि सड़क मार्ग से
बीडी असनोड़ा उत्तराखंड को बीसीसीआई की मान्यता मिल गई है। खुशी के साथ बहुत भावुक करने वाला क्षण है। 9