पढ़ने-पढ़ाने के प्रयोग और गांधी
गांधी जी ने 1910 में दक्षिण अफ्रीका में टालस्टाय आश्रम की स्थापना की थी। यह आश्रम डरबन से 21 मील
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
गांधी जी ने 1910 में दक्षिण अफ्रीका में टालस्टाय आश्रम की स्थापना की थी। यह आश्रम डरबन से 21 मील
पीयूष बबेले ‘गांधीजी’ शब्द मैंने पहली बार कब सुना, यह बता पाना नामुमकिन है. जैसे कि और भी बहुत सी
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 111वीं जयंती के अवसर पर 23 सितम्बर को मुजफ्फरपुर में लंगट सिंह
पशुपति शर्मा शनिवार, सुबह… एक मित्र से सुना था उसका नाम-कौशलेंद्र। बहुत कुछ नहीं जानता, उसके बारे में। मित्र ने
आज से करीब 30-35 साल पहले की बात है । मैं एक स्कूल में बतौर शिक्षक कार्यरत था । घर
पशुपति शर्मा 23 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में बंसी दा से एक और मुलाकात। कमरे में बिस्तर पर लेटी माताजी
पशुपति शर्मा भावुक हो जाना भला भी है बुरा भी। भावुकता में संतुलन बिगड़ जाता है। भावनाओं पर संतुलन बना
पशुपति शर्मा बंसी दा के साथ काम करने का अपना अनुभव है। रचना-कर्म के दौरान एक आत्मीय रिश्ता रहता है
पशुपति शर्मा शिक्षक दिवस पर तमाम गुरुजनों को नमन। इस बार रंगकर्म के गुरु बंसी कौल से जुड़ी कुछ यादें
राजेश बादल एक सितंबर को दुष्यंत कुमार संग्रहालय में सबने दिल की गहराइयों से दुष्यंत को याद किया। रात देर