क्षमा के लिए ‘विषधर भुजंग’ नहीं ‘विषमुक्त संकल्प’ चाहिए
दयाशंकर मिश्र मन में क्षमा कभी गहरे नहीं उतरती, क्योंकि हम छोटे-बड़े में उलझे हैं। मन कमजोर, शक्तिशाली के चयन
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
दयाशंकर मिश्र मन में क्षमा कभी गहरे नहीं उतरती, क्योंकि हम छोटे-बड़े में उलझे हैं। मन कमजोर, शक्तिशाली के चयन
दयाशंकर मिश्र छोटे-छोटे प्रश्नों पर हम इतने अधिक चिंतित होते जा रहे हैं कि जीवन में चिंता की कड़वाहट दोगुनी
हमारे प्रेम से रिश्ते इतने जर्जर हो गए हैं कि थोड़ा-सा धक्का लगते ही टूट जाते हैं. बदलने के लिए
ब्रह्मानंद ठाकुर क्रांति का मतलब है अन्याय और शोषण पर टिकी शासन व्यवस्था की जगह किसान-मजदूरों का राज स्थापित करना।23
दयाशंकर मिश्र हर कोई खुद पर मोहित है, मानो सारा संसार उसके लिए धूल है। वह तब तक ऐसा करता
ब्रह्मानंद ठाकुर किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए बार-बार प्रयास किया लेकिन हर मोर्चे पर षड्यंत्रकारी विफल रहे। आज
वीके गुप्ता सोशल मीडिया आज एक ऐसा प्लेट फॉर्म है जहां आप अपने हुनर के मुताबिक अपनी अलग पहचान बना
दयाशंकर मिश्र आभार या खेद के फूल! हम जीवन के प्रति अपने चुनाव में इतने अस्पष्ट और द्वंद्व से भरे
दयाशंकर मिश्र बदला किसी भी रूप में सुखकारी नहीं, बात केवल हिंसा की नहीं. प्रेम में बदले की कामना हिंसा
दयाशंकर मिश्र हम पूरी ऊर्जा लगा देते हैं यह बताने में कि किसके लिए अब तक क्या-क्या किया! कर्तव्य का