…तो आप अपने बच्चों के केंद्र में कभी नहीं रह पाएंगे।
दयाशंकर मिश्रा के फेसबुक वॉल से साभार/ मेरे पास परिवार के लिए समय नहीं बचता। सुबह, बच्चे जब स्कूल जाते
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
दयाशंकर मिश्रा के फेसबुक वॉल से साभार/ मेरे पास परिवार के लिए समय नहीं बचता। सुबह, बच्चे जब स्कूल जाते
टीम बदलाव/ ‘गोदी मीडिया’ के दौर में पत्रकारिता पर उंगली उठाने का काम खुद पत्रकार या फिर लेखक ही कर
शिरीष खरे/ हर कक्षा में ‘मूल्यवर्धन’ की गतिविधियों को संचालित करने के लिए दो प्रकार की गतिविधि पुस्तिकाएं होती हैं।
उर्मिलेश जी के फेसबुक वॉल से साभार/न्याय के लिए अगर 34 साल का लंबा इंतजार करना हो तो उस न्याय
दयाशंकर जी के फेसबुक वॉल से साभारहम बच्चों के अंतर्ज्ञान , सहजबोध पर यकीन करने की जगह अपने मन की
ब्रह्मानंद ठाकुर ‘सिसकियां लेता स्वर्ग ‘ पुस्तक के कश्मीरी मूल के हिन्दी लेखक डॉक्टर निदा नवाज बाबू अयोध्या प्रसाद खत्री
राकेश कायस्थ राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी की यह पहली प्रतिक्रिया है। आरोप लगाने
पीयूष बबेले के फेसबुक वॉल से साभारएक महीने के शोर शराबे और हद दर्जे के आक्रामकप्रचार अभियान के बाद पांच
उर्मिलेश / पहले पनगढ़िया साहब ने साथ छोड़ा। फिर अरविंद सुब्रह्मण्यम गये! रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने भी
निखिल दुबे के फेसबुक वॉल से साभार समाज और सियासत की NO PARKING में खड़े कर दिए गए हैं भगवान।