महामना! इन्हें माफ़ कर देना…
भूपेंद्र सिंह कोई भी देश अपने शासक से महान नहीं बनता है, वह महान बनता है अपने लोगों से, अपने
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
भूपेंद्र सिंह कोई भी देश अपने शासक से महान नहीं बनता है, वह महान बनता है अपने लोगों से, अपने
संत प्रसाद लखनऊ में सारिका ने खुदकुशी की। इस पर तमाम ख़बरें चल रही हैं। सोशल साइट्स पर भी लोग
नवनीत सिकेरा इस फोटो को मैं कई सालों से इंटरनेट पर देख रहा हूँ, पुलिस को लेकर लोग बुरा भला
शंभु झा मैं अभी हाल में अपने गांव से लौटा हूं। गांव की फितरत साठ के दशक की फिल्मी नायिकाओं
बासु मित्र पूर्णिया के मरंगा गांव और न्यू सिपाही टोला के बीच के बियाबान में बने एक झोपड़े के आगे
आशीष सागर दीक्षित बाँदा सदर की ग्राम पंचायत जमालपुर में ‘ अन्नदाता की आखत ‘ अभियान के तहत सामाजिक कार्यकर्ताओं
पुष्यमित्र गणतंत्र दिवस के मौके पर आईये आपको मिलाते हैं बिहार के एक दलित मुख्यमंत्री के परिवार से, जिन्हें तीन
फेसबुक पर मोहब्बतें-एक एक मेरे फ़ेसबूक मित्र हैं राज झा। ये दरभंगा (बिहार) के मनीगाछी – फुलपरास के समीप बरहमपुरा
किसानों और सरकारों का रिश्ता अजीब सा रहा है। सरकारें योजनाएं बनाती हैं, खूब पैसा बहाती हैं, लेकिन न जाने
आशीष सागर दीक्षित उत्तरप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अलोक रंजन बुंदेलखंड के दो दिन के दौरे से वापस अपने पंचम