‘अल-नीनो’ के बाद ‘ला नीना’, किसानों के शत्रु ‘भाई-बहन’?
सत्येंद्र कुमार यादव भाई ने बिन पानी सब सून किया। अब बहन पानी में सब कुछ डूबो सकती है। इस
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
सत्येंद्र कुमार यादव भाई ने बिन पानी सब सून किया। अब बहन पानी में सब कुछ डूबो सकती है। इस
नवीन कुमार IIMC पास करने के कुछ दिनों की बात है। पत्रकारिता का नया-नया रंगरूट था। नौकरी नहीं करने का
युवा लेखकों के प्रेरणास्रोत, गालिब छूटी शराब, सृजन के सहयात्री जैसे संस्मरण, खुदा सही सलामत है, 17 रानाडे रोड और एबीसीडी
निशांत जैन नवल विभा हो, नवल प्रभा हो नवल-नवल कांति आभा हो । नव प्रभात हो, नव विहान हो नव
कहां छिप गए वे सेक्युलर, मानवतावादी… ! पद्मपति शर्मा (फेसबुक वॉल पर) मालदा के बाद पूर्णिया ! यह हो क्या
पुरुषोत्तम असनोड़ा रविवार हो या कोई छुट्टी का दिन, गुरुजी रोज विद्यालय जाएंगे, पढायेंगे और अच्छे नम्बरों के टिप्स अपने
शिरीष खरे वन को राजस्व ग्राम बनाते समय विकास का झांसा देकर जिंदगी बदल देने की बात की थी, लेकिन
आशीष सागर दीक्षित ” एक वो है जो रोटी बेलता है, एक वो है जो रोटी सेंकता है ! एक
डॉ प्रकाश हिंदुस्तानी विजय मनोहर तिवारी ने अपनी मां श्रीमती सावित्री तिवारी को अलग तरीके से विदाई दी। उन्होंने अपनी
कन्हैया लाल सिंह जमशेदपुर से कोई छह किलोमीटर की दूरी पर एनएच 33 किनारे स्थित गांव बागुनहातु में रिटायर्ड प्रोफेसर