छोटा कर के देखिए जीवन का विस्तार- निदा फ़ाजली
अनिमेष पाठक बात दिसंबर 2015 के पहले हफ्ते की है। ऑफिस से काम जल्दी निबटाकर लगभग दौड़ता हुआ मैं मुनव्वर राणा
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
अनिमेष पाठक बात दिसंबर 2015 के पहले हफ्ते की है। ऑफिस से काम जल्दी निबटाकर लगभग दौड़ता हुआ मैं मुनव्वर राणा
बासु मित्र हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी के बाद देशभर के पिछड़े और दलित छात्रों ने
पुरुषोत्तम असनोड़ा नवम्बर से मार्च तक हिमाच्छादित रहने वाला उत्तराखण्ड का पामीर फरवरी के पहले सप्ताह में ही बर्फ विहीन
पिता द्वारा आपने आस पास खींचे गए वृत्त में बंधी गाय की तरह पगहे में लवराई लड़कियां जा सकती हैं
टीवी सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में ‘सक्सेना’ का किरदार निभा रहे एक्टर सानंद वर्मा घर-घर में अपनी एक
विपिन कुमार दास ये वाक्या है दरभंगा केवटी प्रखंड बनवारी का। 2 नवम्बर को दरभंगा राज मैदान में प्रधानमंत्री मोदी
सत्येंद्र कुमार यादव उत्तर प्रदेश में एक जिला ऐसा है जहां महिला शक्ति का राज है।राजधानी लखनऊ से महज 65
धीरेंद्र पुंडीर ये दिव्यांश की तस्वीर है। एक परिवार को छोड़ दें तो बाकि सब के लिए एक तस्वीर। कुछ देर
आशीष सागर दीक्षित ”आइए महसूस करिए ज़िन्दगी के ताप को मैं चमारों की गली तक ले चलूँगा आपको जिस गली
नवनीत सिकेरा की फेसबुक पोस्ट के साथ पुलिसवालों की ज़िंदगी और उनकी जिम्मेदारी को लेकर एक बहस छिड़ी। अमृता कुशवाहा