‘मांगों की फसल’ काटकर लौटेगा किसान !
अरुण यादव देश का अन्नदाता सड़क पर है फिर भी सरकार सो रही है । आखिर हमारी सरकारों की नींद
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
अरुण यादव देश का अन्नदाता सड़क पर है फिर भी सरकार सो रही है । आखिर हमारी सरकारों की नींद
ब्रह्मानंद ठाकुर ” हां, वायलर को मैंने मारा, किसी और ने नहीं।” यही तो कहा था भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा
शिरीष खरे बारह साल पहले जब यहां यह स्कूल नहीं था तब एक आदमी ने अपनी जमीन दान कर दी।
शिरीष खरे एक छोटे-से कमरे के एकमात्र दरवाजे पर हर दिन सुबह-सुबह छोटे बच्चे एक सुंदर रंगोली बनाते हैं, जो
ब्रह्मानन्द ठाकुर 8 मार्च का दिन दुनिया में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज से 107
पीयूष बबेले त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति को बुल्डोज किया गया तो पहले गुस्सा और फिर दुख हुआ। जो लोग एक
अनिल तिवारी ग्वालियर के बिड़ला नगर में दिन बीत रहे थे। दादागीरी के साथ मेरी जिन्दगी में रंगमंच की अहमियत
ब्रह्मानन्द ठाकुर भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में वामपंथ का गढ़ ध्वस्त हो गया। बंगाल में सत्ता हाथ से खिसकने
पशुपति शर्मा “हिंदुस्तान जितना खूबसूरत लोकतंत्र काग़जों पर है, उतना खूबसूरत लोकतंत्र ज़मीन पर नहीं दिखता। जबकि यूरोप के कई
बदलाव टीम वरिष्ठ पत्रकारों से मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला शुरू आज से कर रही है। हमें खुशी