वो तो उड़ चला… अनंत की एक और उड़ान पर!
ये कहानी एक ऐसे 83 साल के ‘नौजवान’ की है, जो बचपन में अख़बार बेचकर अपने भाई को पढ़ाता था।
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ये कहानी एक ऐसे 83 साल के ‘नौजवान’ की है, जो बचपन में अख़बार बेचकर अपने भाई को पढ़ाता था।
विपिन कुमार दास की रिपोर्ट दरभंगा जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर बेनीपुर अनुमंडल और वहां से आठ किलोमीटर उत्तर
किसी दिवंगत आत्माके लिए RIP कहा जाता है, इसका अर्थ होताहै-Rest in peace. भावुक हिंदुस्तान कलाम के लिए RIP कह
जाति, मज़हब, उम्र और युग की दीवारों को पार करके किसी एक शख़्सियत ने पूरे देश का प्यार पाया है
लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे भाषण के गिने चुने दिन बाकी हैं। करीब एक साल
बिहार के सारण ज़िले का शेरपुर गांव। आज़ादी के सात दशक बाद भी अलसुबह की कुछ तस्वीरें नहीं बदल
संस्कृति समाज का निर्माण करती है और कलाएं संस्कृति व समाज का संरक्षण। इसे ताक पर रख कर कोई भी
दो पल को इस तस्वीर पर आपकी निगाहें टिकी रह जाएं, तो फिर इस रिपोर्ट के मायने खुद-ब-खुद खुलते चले
इन दिनों अमरुद के पेड़ झुक गए हैं। हमारे यहाँ इसे लताम भी कहते हैं। खूब फल आये हैं। बच्चों
हम अक्सर गांव की समस्याओं के लिए शासन, पंचायत या फिर सरपंच को दोषी ठहराते रहते हैं। कभी कहते हैं