दो पैसे, बुढापे के लिए बचा लो भाई!
गरीबों और शोषित वर्गों के लोगों का बुढ़ापा सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार ने 2014-15 के बजट में बीमा
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
गरीबों और शोषित वर्गों के लोगों का बुढ़ापा सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार ने 2014-15 के बजट में बीमा
तब ये ट्रेन कहां थी गांव जाने के लिए। रामेश्वर घाट पर मिनी बसें छोड़ जातीं और फिर वहां
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 400 स्टेशनों के कायाकल्प की योजना को हरी झंडी दे दी
टीम बदलाव ईमानदारी जिसकी आत्मा है और सच्चाई जिसकी ताकत । हम बात कर रहे हैं देश के नौनिहाल IAS
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के इम्तिहान में इस बार महिलाओं ने बाजी मारी है, उन्हीं में एक नाम है
नरैनी, बाँदा – दोआबा क्षेत्र के अति पिछड़े गाँव शाहपाटन का हाल भी अजब है। यहाँ सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान और
मेरे जेहन में कोई गांव नहीं और न ही मेरी परवरिश गांव में हुई। पर हां, पिछले पंद्रह सालों से
-पशुपति शर्मा की रिपोर्ट बिहार के औरंगाबाद जिले का बरपा गांव, जहां हुई है बदलाव की शुरुआत, जहां बिखरे हैं
देश की सर्वोच्च सेवा के लिए अधिकारियों की नई जमात चुन ली गई है। इस समय हर तरफ देश के
नेताजी पूछे तुम कौन हो…? मैंने बोला, इन्सान हूँ…. क्या तेरे पास गाड़ी है…? हाँ मेरे पास बैलगाड़ी है …