‘काली नज़रों’ से घर नहीं जलते, बकरी नहीं मरती…
सत्येंद्र कुमार यादव की रिपोर्ट छोटी-छोटी बातों पर महिलाओं को टोनहिन, डायन, नज़र की ख़राब कहना, कई इलाकों में एक
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
सत्येंद्र कुमार यादव की रिपोर्ट छोटी-छोटी बातों पर महिलाओं को टोनहिन, डायन, नज़र की ख़राब कहना, कई इलाकों में एक
पीएम के भाषण पर सत्येंद्र कुमार की प्रतिक्रिया संगच्छध्वम् संवदध्वम् सं वो मनांसि जानताम्—हम साथ चलें, मिल कर चलें, मिल
देश बदलने की दिशा में 15 कदम ‘टीम इंडिया’ के कैप्टन का देश को नमन। 1. 75वें स्वतंत्रता दिवस यानी 2022
किसानों के फ़ायदे की 5 अहम बातें 1. किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए योजना बनाई। हर खेत
लाल किले से प्रधान सेवक का पहला भाषण 15 अगस्त, वो दिन जिसके नाम मात्र से आज़ादी का रोमांच भर
-संजय श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से मैं डायन प्रथा के बारे में ज्यादा नहीं जानता था। पिछले दिनों जब
– पशुपति शर्मा की रिपोर्ट। नेक इरादों के साथ छोटी कोशिशों का भी अपना एक असर होता है। कुछ इसी
-पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मैंने फेसबुक पर कई मित्रों के शुभकामना संदेश देखे।
-सत्येंद्र कुमार की रिपोर्ट देश में हर साल एक करोड़ से ज्यादा नौजवान रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन
-बी डी असनोड़ा की रिपोर्ट फ्रांस के एक मशहूर लेखक ज्यां पॉल सार्त्र को 1964 में साहित्य के लिए नोबल