पब्लिक स्कूल से कहां पिछड़ गए सरकारी स्कूल ?
डॉ विनोद कुमार उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की बदहाली के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले ने मानो उत्तर
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
डॉ विनोद कुमार उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की बदहाली के सिलसिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले ने मानो उत्तर
राधे कृष्ण समान शिक्षा को लेकर देश की आज़ादी के बाद से ही मांग उठती रही है। सरकारें- वो केंद्र
सत्येंद्र कुमार बड़े पर्द के बाद 22 अक्टूबर, शाम 8 बजे STAR GOLD HD पर फिर ‘मिस टनकपुर’ मिली और
शरत कुमार इलाहाबाद हाई कोर्ट का सरकारी स्कूलों की दशा पर आया निर्णय ऐतिहासिक है। सरकारी स्कूलों की दुर्दशा का कारण नीति
शंभु झा मेरा गांव रेलवे लाइन के किनारे है। गांव की ज़मीन पर ही रेलवे स्टेशन बसा है। स्टेशन बसा
निशांत यादव ‘सरकारी’ शब्द समाज में इस प्रकार उच्चारित किया जाने लगा है मानो जुगाड़ से चल रही कोई ‘चलताऊ’
हिंदुस्तान के सबसे बड़े सूबे की शिक्षा व्यवस्था पर आया है एक बड़ा फ़ैसला। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक
धीरेंद्र पुंढीर लोकगीतों का सिलसिला अनंत है। देश के हर हिस्से में अंग्रेजों को मार भगाने की ललक उनके लोकगीतों
धीरेंद्र पुंढीर आज़ादी की जंग इतनी आसान नहीं थी जितनी वो फेस बुक पर दिखाई देती है। तिंरगा लगाने या
विपिन कुमार दास की रिपोर्ट सावन जिसे सिंगार और भक्ति का अदभुत महीना माना जाता है। मिथिलांचल के सांस्कृतिक जीवन