नया पमरिया के दस ढोलकिया
एम अखलाक बिहार के हर अंचल की अपनी खास सांस्कृतिक विशेषता रही है। बात चाहे लोक कलाओं की हो, खान-पान
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
एम अखलाक बिहार के हर अंचल की अपनी खास सांस्कृतिक विशेषता रही है। बात चाहे लोक कलाओं की हो, खान-पान
सुदीप्ति हाल ही में एक खबर मिली। ननिहाल की पड़ोस का एक लड़का अपना एक छोटा-सा काम करते हुए मारा गया।
मुझे बहुत कुछ करना है, बहुत आगे जाना है। रिश्ते-नाते और करियर के बीच कहीं जिंदगी खत्म तो नहीं हो
अरुण प्रकाश यूपी में मुलायम परिवार में पांच दिन तक चले समाजवादी संग्राम फिलहाल विराम लग गया है। पार्टी सुप्रीमो
श्रोत्रिय जी को विनम्र श्रद्धांजलि। उनके निधन का समाचार सुन कर गहरा आघात लगा। उनकी बीमारी की सूचना अभी कुछ
पुष्य मित्र आपके घर के बाहर अगर मोर नज़र आ जाए तो बरबस ही मन नाच उठेगा और बचपन की
सत्येंद्र कुमार यादव हिंदी दिवस पर देश में हिंदी की खूब चर्चा होती है लेकिन 14 सितंबर बीतते ही सब
संगम पांडेय जो दर्शक वही-वही नाटक देख-देख कर ऊब चुके हों उन्हें निर्देशक सुरेश भारद्वाज की प्रस्तुति ‘वेलकम जिंदगी’ देखनी
पुष्य मित्र बिहार में हर साल बाढ़ कहर बनकर टूटती है । लाखों लोग बेघर होते हैं और हजारों करोड़
नरेंद्र अनिकेत इन दिनों कई तरह के सपने तैर रहे हैं। ये सपने नहीं हैं, एक यूटोपिया है। शहर ऐसे