पीअर कब ‘पराया’ हो गया पता ही नहीं चला!
ब्रह्मानंद ठाकुर मेरे गावं का नाम पिअर है । मेरा गावं पहले मुजफ्फरपुर जिला के मुरौल प्रखण्ड के अन्तर्गत था
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानंद ठाकुर मेरे गावं का नाम पिअर है । मेरा गावं पहले मुजफ्फरपुर जिला के मुरौल प्रखण्ड के अन्तर्गत था
एम अखलाक मड़वन प्रखंड के गमसरा पंचायत भवन में धूम मचल बा। गांव जवार के पमरिया नाच कार्यशाला में मुखिया
कुणाल प्रताप सिंह मोतिहारी के हरसिद्धि प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, पंचायत हरपुर राय। सूबे की
प्रवीन सिंह “फ्रांस के साथ 7.8 बिलियन यूरो यानि करीब 59 हजार करोड़ रुपये के सौदे के तहत भारत को
सर्बानी शर्मा बदलाव बाल क्लब में मौज-मस्ती के बीच बच्चों को नए मेहमानों से भी मिलने का मौका मिल रहा
जितेंद्र शर्मा हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर एक गांव है-तलवाना। शहर से कटा। जहां तक मेरी स्मृतियां जाती हैं, वहां न तो
CAMPAIGN-मेरा गांव-मेरी जान\I LOVE MY VILLAGE concept- अपना नाम, अपने गांव का नाम और अपने गांव से प्यार या लगाव
दिवाकर मुक्तिबोध राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श गांव का सपना कब साकार होगा ये ना तो हमारी सरकारें बता पा
सचिन कुमार जैन युद्ध ऐसी भूख है जो जिन्दा को खाती है इंसान हो, जानवर हो नदी हो, या बर्फ
नरेंद्र अनिकेत कुछ साल पहले देश में एक सरकार हुआ करती थी। अब वह सरकार इतिहास में समा गई है।