जब मैं थी तब साधन नहीं, अब साधन है मैं नाहिं…
ब्रह्मानन्द ठाकुर रविवार का दिन था।गांव के स्कूल के सामने वाली सड़क पर बरसात का पानी जमा था।लिहाजा सड़क के
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानन्द ठाकुर रविवार का दिन था।गांव के स्कूल के सामने वाली सड़क पर बरसात का पानी जमा था।लिहाजा सड़क के
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर दुष्यन्त कुमार समकालीन हिन्दी कविता के एक ऐसे सशक्त हस्ताक्षर हैं,जिन्होंने हिन्दी गज़ल को नया आयाम दिया। उर्दू
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार मैं हूँ संसद भवनजी मेरा हीजन्मोत्सव हैईंट-गारे से गढ़दिया गया हूंभव्य, दिव्य और
वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से साभारलोकतंत्र, मंदिर और राजदंड. ये तीन शब्द कल से लेकर आजतक मीडिया में
टीम बदलाव इमरजेंसी के बाद इंदिरा गांधी को दक्षिण भारत से संजीवनी मिली… साल 1977 के लोकसभा चुनाव में हिंदी
टीम बदलाव 1977 का लोकसभा चुनाव आजादी के बाद कांग्रेस के लिए एक बुरे दौर की शुरुआत थी. जनता पार्टी
टीम बदलाव 23 जनवरी 1977 आपातकाल के बीच देश में जनता पार्टी का गठन हुआ. जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में
टीम बदलाव अगले एक साल तक देश चुनाव के मोड में रहने वाला है…इस साल विधानसभा चुनाव और अगले साल
वरिष्ठ पत्रकार राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार राठौड़ बिचित्रमणि सिंह! नाम सुनकर लगता था कि बाबू देवकीनंदन खत्री
पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार फ़रीदाबाद के सूरजकुंड की ये शाम मेरे लिए बेहद ख़ास है. इस शाम