‘झिझिया’ को संवारने की जरूरत है सरकार !
ब्रह्मानन्द ठाकुर झिझिया बिहार में खासकर मिथिला और बज्जिकांचल का प्रमुख लोकनृत्य है। इसका आयोजन शारदीय नवरात्र में किया जाता
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानन्द ठाकुर झिझिया बिहार में खासकर मिथिला और बज्जिकांचल का प्रमुख लोकनृत्य है। इसका आयोजन शारदीय नवरात्र में किया जाता
देवांशु झा सिनेमा के गायन में पहला बड़ा नाम कुंदन लाल सहगल का है। उनके समकालीन और परवर्ती गायकों पर
ब्रह्मानंद ठाकुर दुर्गा पूजा यानी शक्ति की आराधना और उपसना का पर्व । 9 दिन तक हर तरफ भक्ति का
रवीश कुमार ज़िंदगी का अच्छा ख़ासा हिस्स कैमरे के सामने और साथ गुज़रा है। अनगिनत लोगों के साथ मेरी तस्वीर
केदार सिरोही आदिकाल से कृषि हमारे देश की अर्थव्यवथा की रीढ़ की हड्डी रही है। आज वही खुद को बचाने
आशीष सागर के फेसबुक वॉल से आदमी गर बड़ा न होता, हिंसा के मुहल्ले में खड़ा न होता ! माना
आगामी गांधी जयंती- 2 अक्तूबर- को हम एक नया मिशन शुरू करने जा रहे हैं। समाज के ” उपेक्षित लेकिन
राकेश कायस्थ हिंसा, हाहाकार और बनारस में लड़कियों की पिटाई की ख़बरों से मन बहुत अशांत था। नज़र टेबल पर
ब्रह्मानन्द ठाकुर जी हां , विद्रोही कवि रामधारी सिंह दिनकर। हालांकि मनुष्य द्वारा मनुष्य के शोषण पर टिकी इस व्यवस्था
सच्चिदानंद जोशी नवरात्रि की शुभकामनाओं के बीच एक किस्सा कुछ अलग सा। हम जानते हैं कि नवरात्रि के पहले अमावस्या