शिक्षक नहीं, मल्टीपर्पस ड्राइवर
डॉ. सुधांशु कुमार जी हां ! हम शिक्षक नहीं, ड्राइवर हैं । मल्टीपर्पस, मल्टीटैलेंट । इसीलिए खिचड़ी से लेकर बत्तख
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
डॉ. सुधांशु कुमार जी हां ! हम शिक्षक नहीं, ड्राइवर हैं । मल्टीपर्पस, मल्टीटैलेंट । इसीलिए खिचड़ी से लेकर बत्तख
ब्रह्मानंद ठाकुर चुल्हन भाई तीन दिन पर ससुराल से लौटे हैं। वैसे वे यदा -कदा विशेष काज -परोजन पर ही
ब्रह्मानंद ठाकुर आज से 6 साल पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर जिले के पिलखी मे बूढीगंडक नदी पर बने पुल
देश में कभी पिछड़ा वर्ग आंदोलन होता तो कभी एससी एसटी और सवर्ण । हर कोई अपने अपने तरीके से
ब्रजेन्द्र नाथ सिंह के फेसबुक वॉल से साभार लगभग 15 सालों के अपने पत्रकारिता जीवन में मैंने सैकड़ों रैलियां कवर
डा. सुधांशु कुमार आज सवेरे-सवेरे श्रीमती जी ने एक प्रश्न प्रक्षेपित कर दिया -‘सुना है शिक्षक दिवस के दिन आप
संदीप नाईक एक ही है सेवाग्राम देश में, एक है कस्तूरबाग्राम इंदौर में और फिर देशभर में फैले हैं –
योग गुरु धीरज वशिष्ठ पूरे मानवता के इतिहास में कृष्ण अकेले ऐसे व्यक्तित्व हैं जो सभी आयामों में खिले हुएं
डा. सुधांशु कुमार ‘मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूं/वो गजल आपको सुनाता हूं ।’ ओढ़ने बिछाने की शैली एवं सरल सपाट
ब्रह्मानंद ठाकुर चुल्हन भाई के यहां हर साल बड़े धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस दिन उनके दरबाजे