कैमूर के 108 गांव खोल रहे ‘विकास’ और ‘सुशासन’ की पोल
पुष्यमित्र नल से बूंद-बूंद पानी टपक रहा है। पानी पहले एक प्लास्टिक के गैलन के ढक्कन में गिर कर जमा
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
पुष्यमित्र नल से बूंद-बूंद पानी टपक रहा है। पानी पहले एक प्लास्टिक के गैलन के ढक्कन में गिर कर जमा
पीयूष बबेले के फेसबुक वॉल से साभार सबूत पर चिढ़ने वालों को भारतीय परंपरा का ज्ञान नहीं है और कम
पुष्यमित्र हालांकि इस आलेख का शीर्षक थोड़ा अजीब है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व लौह पुरुष और पूर्व फायरब्रांड संघी
दिवाकर मुक्तिबोध तीन माह पूर्व विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजित छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी चिंता इस
पुष्यमित्र बिहार में एनडीए के सीटों का हिसाब किताब तो हो गया। इस हिसाब किताब में सबसे ध्यान देने वाली
शिरीष खरे कोल्हापुर के बाकी गांवों की तरह दिखने में यह एक साधारण गांव है। यहां के लोगों को यह
पुष्यमित्र किशनगंज शहर से टेढ़ागाछ प्रखंड की तरफ जाना था। दोस्तों ने मुझे दो रास्ते बताये। पहले रास्ते से 100
शिरीष खरे बीजापुर से आगे महाराष्ट्र के पश्चिमी छोर की ओर बढ़ा तो एक अलग ही नजारा दिखा । जितनी
पुष्य मित्र बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड से करीब 10 किलोमीटर अंदर बसा है सुशासन नगर । नाम
टीम बदलाव लोकसभा चुनाव का बिगल बज चुका है । सात चरणों में चुनाव होना है । यूपी, बिहार और