मुजफ्फरपुर आइए और मदद कीजिए
पुष्यमित्र मुजफ्फरपुर को लेकर आप बहुत परेशान हैं? अगर हां तो इनमें से एक काम कीजिये- 1. सीधे मुजफ्फरपुर आईये,
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
पुष्यमित्र मुजफ्फरपुर को लेकर आप बहुत परेशान हैं? अगर हां तो इनमें से एक काम कीजिये- 1. सीधे मुजफ्फरपुर आईये,
पशुपति शर्मा/ आज फूल कर रहे थे बातें गुलाब, अपने रूप पर इतरा रहा था गेंदा, अपने गुणों का बखान
बिहार: AES से मरने वालों में ज्यादातर गरीब हैं, गरीबों में भी ज्यादातर महादलित परिवार के लोग हैं और उनमें
‘क्या मुझे इस बच्ची के बारे में कोई जानकारी दे सकता है ? हम गोद लेना चाहेंगे’… 14 जून 2019,
पुष्य मित्र कई बार कुछ खबरें आपको बहुत कुछ बोलने पर मजबूर कर देती है, वहीं कुछ खबरें सन्नाटे में
अरविंद दास वर्षों पहले किसी पत्रिका में एक लेख पढ़ा था- शादी हो तो मिथिला में। जाहिर है, इस लेख
सचिन श्रीवास्तव गिरीश कर्नाड के निधन की खबर सुनकर पूरी दुनिया में उनके चाहने वालों की आंखें नम हो गईं
कुंदन कुमार के फेसबुक वॉल से साभार बीते दिनों मुजफ्फरपुर में लगातार हो रहे हत्या,लूट-डकैती,बालिका गृह कांड आदि जघन्य घटनाओं
सच्चिदानंद जोशी के फेसबुक वॉल से साभार हमारे रंगकर्म के गुरु प्रभात दा गांगुली जब मूड में होते थे तो
वीरेंद्र नंदा मुजफ्फरपुर में सन् 1901 में रवीन्द्रनाथ टैगोर को दिये गये सम्मान-पत्र की बांग्ला प्रति की प्रतिलिपि रंगकर्मी स्वाधीन