पूंजीवादी युग में एक ‘फकीर’ का जिंदा होना !
वीरेन नंदा “कोरोना के इस गहराते संकट के समय कुछ नई किताब पढ़ने के लिए आलमारी टटोल रहा था तब
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
वीरेन नंदा “कोरोना के इस गहराते संकट के समय कुछ नई किताब पढ़ने के लिए आलमारी टटोल रहा था तब
चीन से शुरू हुआ कोरोना संकट पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है । पूरी दुनिया में अब तक एक
सचिन कुमार जैन की फेसबुक वॉल से साभार महावीर और राजनीति के महावीर में कोई जोड़ नहीं है। हम जितनी
टीम बदलाव कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज दिया है
कोरोना से लड़ने के लिए 25 मार्च से देश में जो लॉकडाउन लगाया गया वो 72 घंटे भी नहीं टिक
अरुण प्रकाश कोरोना संकट को लेकर लॉकडाउन के चौथे दिन दिल्ली से जो तस्वीरें सामने आईं वो बेहद खौफनाक और
अरुण प्रकाश लॉकडाउन का तीसरा दिन। देश के अलग-अलग हिस्सों से गरीबों की मदद करते पुलिसवालों और आम लोगों की
अरुण प्रकाश कोरोना में देशव्यापी बंद का आज दूसरा दिन रहा। पहले दिन के मुकाबले दूसरे दिन लोग ज्यादा संयमित
बदलाव के लिए अरुण प्रकाश की रिपोर्ट पूरी दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही है। अलग-अलग देश अपन-अपने तरीके से
महेंद्र सिंह के फेसबुक वॉल से साभार अब मीडिया वालों के घर भी corona पहुंच चुका है, फिर भी कुछ