‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!
एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती
आदर्श गांव को लेकर पिछले एक साल से खूब हो हल्ला हुआ, सांसदों ने थोक के भाव गांवों को गोद
सत्येंद्र कुमार ट्विटर पर टेमसुतुला इमसोंग की टीम की तस्वीरें करीब एक साल से देख रहा हूं। ये अपनी टीम
पशुपति शर्मा रंगकर्मी दोस्तो। पहली घंटी बज गई है। बस तीन दिन बाद पटना में रंग महोत्सव शुरू हो रहा
जितेंद्र कुमार देश का एक ऐसा गांव जो सीधे सेवन आरसीआर से संवाद करता है। हम बात कर रहे हैं दिल्ली
अरुण प्रकाश दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की विडंबना कुछ ऐसी कि एक सूबे के चुनाव में सब कुछ
सत्येंद्र कुमार गांव की अधिकांश सड़कें कच्ची से पक्की हो गई। कई गांव से होकर चौड़ी सड़कें दौड़ने लगीं। टमटम
देवेंद्र शुक्ला दिल्ली के बाद विधानसभा चुनावों का अगला पड़ाव बिहार। और सवाल ये कि बिहार में बयार किसकी या अच्छे
चंदन शर्मा आदरणीय मोदी जी, ट्वीटर पर सॉरी बोल देने से सब कुछ खत्म नहीं हो जाता। चंडीगढ़ में जो
सत्येंद्र कुमार मिथिलांचल-कोसी में दादा जी ‘चलू-चलू बहिना’ गीत गा कर बिहारियों का दिल जीत लिया करते थे तो वहीं