‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

किसानों के बीच नाना पाटेकर

एपी यादव की रिपोर्ट

भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती जा रही है, जमीन बंजर होने की कगार पर है, नदी, नाले और तालाब सूखने लगे हैं, अन्नदाता की आंखें दरिया बन गई हैं, फिर भी न तो इंद्रदेव को रहम आ रहा न ही देश की सरकारों को, इन सबके बावजूद उम्मीद की एक बूंद ने मानों मरते किसानों में जीने की लालसा जगा दी । महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए एक एक कर सितारे जमीं पर उतरने लगे और ये सब मुमकिन हुआ बॉलीवुड के ‘नाना’ की बतौलत ।

महाराष्ट्र सरकार जब तमाम उलूल-जुलूल फैसले कर विवाद खड़ा कर रही ठीक उसी वक्त नाना पाटेकर किसानों के बीच उनका दर्द कम करने की जुगत में जुटे रहे । सूखा पीडित किसानों की मदद के लिए नाना ने “नाना फाउंडेशन” के जरिए विदर्भ और मराठवाड़ा के किसानों के आंसू पोछने निकल पड़े। इस दौरान नाना के साथ मराठी नायक मकरंद अनासपुरे उनके साथ खड़े नज़र आए।

नाना पाटेकर और मकरंद की जोड़ी ने बीड़ में आर्थिक बोझ तले तबे आत्महत्या कर चुके 110 से ज्यादा किसानों की विधवाओं को अपने हाथों से चेक बांटे । टीम नाना लातूर और उस्मानाबाद के सूखा प्रभावित किसानों की के लिए भी भगवान बनकर पहुंची और करीब 113 किसान परिवारों को 15-15 हजार रुपये बतौर चेक दिए ।

किसानों का दर्द कुछ ऐसा है जिसे देख नाना का कलेजा दहल उठा, खुद नाना ने कहा- ”ईमानदारी से कहूं, ऐसी जगहों पर जाना और कम उम्र में ही विधवा हो गई इन महिलाओं को चेक पाने पर मेरे पैरों को छूते देखना, मेरे लिए बहुत दर्दनाक है। ”

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किसानों को चेक बांटने के दौरान नाना को काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा, मसलन एक बार नाना जब एक हॉल में किसानों को चेक बांट रहे थे तो अचानक लाइट चली गई, लेकिन नेक दिल नाना के हौसला नहीं टूटा, देखते ही देखते हॉल में मोबाइल की लाइट जलने लगी और नाना ने सूखे के अंधेरे को उम्मीद के इस जलाने की दूर करने की अपनी पहल जारी रखी। नाना पाटेकर की कोशिश कम से कम 700 किसान परिवारों तक मदद पहुंचाने की है।

नाना पाटेकर की इस कोशिश की हर तरफ तारीफ हो रही है, यही नहीं नाना की इस मुहिम  से तमाम फिल्मी सितारे भी जुड़ने लगे हैं । बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार भी किसानों की मदद के लिए आगे आए और 90 लाख रुपये किसानों में बांटने का फैसला किया । अक्षय कुमार अगले 6 महीने तक 15-15 लाख रुपये किसानों की मदद के लिए देते रहेंगे ।

फोटो- अजिंक्य रहाणे की फेसबुक वॉल से
फोटो- अजिंक्य रहाणे की फेसबुक वॉल से

इसके अलावा क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी किसानों की बंजर  जमीन पर खेलने का फैसला किया और 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोश में किसानों की मदद के लिए जमा कराई । एक आंकड़े के मुताबिक महाराष्ट्र में फसलों का नुकसान झेल रहे और कर्ज में डूबे किसानों में से करीब 660 किसान इस साल मौत को गले लगा चुके हैं । जबकि पिछले साल खुदकुशी करने वाले किसानों की संख्या इस साल से थोड़ी ही कम थी ।

इस मुश्किल घड़ी में किसानों की मदद के लिए उठे ये हाथ सूखा प्रभावित किसानों के लिए उम्मीद की एक किरण है, लेकिन आज जरूर हर राज्य को एक नाना पाटेकर की, जिससे किसी भी राज्य में एक भी किसान खुदकुशी करने  पर मजबूर ना हो। यही नहीं जरूरत इस बात की भी है कि किसानों को ये मदद सीधे पहुंची जाए । देश की सरकार को भी इस बारे में जल्द ही कुछ सोचना चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक मदद उनकी मौत से पहले उन तक पहुंच सके ।

2 thoughts on “‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

  1. Serving the Poor is one such cause, which means serving Humanity. I request the Govt of India that those who spend money on the service of poor should be given exemption from paymnet of Tax upto the amount spent on the service of Poor. In this case Akshya Kumar should be given exemption of Rs. 90 lakh from his income for the amount of Rs.90 lakh spent by him for service of the poor.Nana Patekar is spending his time for a good cause. If it is kept out of politics , it will be great.

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