वंशीपचडा-वह गांव जिसने रामबृक्ष को बेनीपुरी बना दिया
ब्रह्मानंद ठाकुर एक नन्हा -सा टुअर बालक जिसकी मात्र 4 साल की उम्र में मां मर गयी और जब वह
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानंद ठाकुर एक नन्हा -सा टुअर बालक जिसकी मात्र 4 साल की उम्र में मां मर गयी और जब वह
ब्रह्मानंद ठाकुर आज शिक्षक दिवस है। मैं शिक्षक रहा हूं और सरकार, प्रशासन और समाज द्वारा शिक्षकों के प्रति जो
पुष्यमित्र के फेसबुक वॉल से मन बैंक वालों की वजह से भन्ना गया है। दो ऐसे अनुभव हुए हैं कि
राकेश कायस्थ सरकारी तंत्र यानी नकारापन। प्राइवेट सेक्टर यानी अच्छी सर्विस और एकांउटिबिलिटी। यह एक आम धारणा है, जो लगभग
राहुल कुमार के फेसबुक वॉल से मेरठ में दुष्यंत स्मृति समारोह में दुष्यंत कुमार फाउंडेशन की तरफ से वरिष्ठ टीवी
अरुण प्रकाश बच्चे का मन गंगा की तरह पवित्र और निर्मल होता है। उसमें ना कोई छल होता है और
राकेश कायस्थ बाबा राम रहीम अपनी किसी शिष्या का यौन- शोषण करने से पहले कहता था कि वह उसे दुनियावी
ब्रह्मानंद ठाकुर बीफ को लेकर हमारे देश में सियासत का घमासान जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सार्वजनिक मंच से इस
शंभु झा रविवार की अलसाई दुपहरी थी। मैं कुर्सी पर बैठे-बैठे ही एक झपकी ले चुका था और अब इस
बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर बिहार में हर तरफ बाढ़ से त्राहिमाम त्राहिमाम हो रहा है । सैलाब के आगे जिंदगी बेबस