Tag archives for मुजफ्फरपुर

परब-त्योहार

बदलाव पाठशाला के दूसरे दिन बच्चों में दिखा उत्साह

मुजफ्फरपुर के पियर गांव में छात्रों को पढ़ाते हुए ब्रम्हानंद ठाकुर जी । महात्मा गांधी  और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के दिन शुरू हुई बदलाव डॉट कॉम…
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बिहार/झारखंड

वंशीपचडा-वह गांव जिसने रामबृक्ष को बेनीपुरी बना दिया

ब्रह्मानंद ठाकुर एक नन्हा -सा टुअर बालक जिसकी मात्र 4 साल की उम्र में मां मर गयी और जब वह 9 वर्ष का था तो पिता भी साथ छोड़ गए।…
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माटी की खुशबू

किस्सागोई का आनंद और ‘बात का बतंगड़’ करते बच्चे

बदलाव प्रतिनिधि मुजफ्फरपुर के पियर गांव मे आयोजित बदलाव बाल क्लब की कार्यशाला  का दूसरा दिन पूरी तरह बच्चों के नाम रहा। बच्चों ने पूरी कार्यशाला को मानो 'हाईजैक' कर…
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गांव के रंग

कल संवारना है तो आज सुन लो अच्छे किस्से

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले के सुदूर गांव पियर में बदलाव बाल क्लब की कहानी कार्यशाला शुरू हो गई। हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार सह जाने माने युवा कवि डाक्टर संजय पंकज…
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परब-त्योहार

मुजफ़्फ़रपुर के पियर गांव में भी किस्सों की कार्यशाला

सर्बानी शर्मा बदलाव की ओर से मुजफ्फरपुर में इस बड़ी पहल के लिए श्री ब्रह्मानंद ठाकुर बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बदलाव का मान बढ़ाया है। 'आओ पढ़ें, सुनें और…
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बिहार/झारखंड

पहले किसी दुल्हन के साथ ऐसा नहीं हुआ होगा ?

बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर दुल्हन बनी जूली के सारे अरमान धरे रह गये। आरोप है कि शादी के दो घंटे बाद पुलिस ने कोहवर से जूली को घसीट कर बाहर निकाला। उसे…
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बिहार/झारखंड

सतीश अब गाय नहीं पालेगा !

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारे देश की सियासत कुछ ऐसी हो चली है कि अब वो आपके निजी जीवन में दखल देने लगी है । हम क्या खाएंगे, क्या पीएंगे, क्या पहनेंगे…
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अतिथि संपादक

बदलाव के पहले अतिथि संपादक ब्रह्मानंद ठाकुर

ब्रह्मानंद ठाकुर का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जनवरी 1952 में निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ । पढ़ने के साथ पत्र-पत्रिकाओं में लिखने का शौक बचपन से रहा है…
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बिहार/झारखंड

विकास की अंधी दौड़ में बिगड़ रहा गांव का ताना-बाना

ब्रह्मानंद ठाकुर हमारा गांव अब पूरी तरह से वैश्विक बाजार के हवाले हो गया है। खाने-खाने-पीने की चीजों से लेकर ओढना-बिछौना, रेडिमेड से लेकर थान वाले कपड़े, जूते- चप्पल, ऋंगार…
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माटी की खुशबू

महाकवि की कर्पूरी ठाकुर से कुछ यूं हुई दोस्ती…

महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के 101 वें जन्म वर्ष में हमने अब तक दो किस्तों में उनके संस्मरण आपसे साझा किए। इसी कड़ी में एम अखलाक की ये तीसरी प्रस्तुति। कोशिश…
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