ऊर्दू की तालीम हासिल करने की ललक
कुमार नरेंद्र सिंह यह बिहार के जिला भोजपुर के संदेश थाना के सिरकीचक गांव की मस्जिद है, जिसका निर्माण 1798
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
कुमार नरेंद्र सिंह यह बिहार के जिला भोजपुर के संदेश थाना के सिरकीचक गांव की मस्जिद है, जिसका निर्माण 1798
ऐसे बहुत कम ननिहाल होते हैं , जहाँ ना माँ होती है। ना मामा और ना नानी होती है लेकिन
विनय तरुण स्मृति व्याख्यान – 2018 का आयोजन कोलकाता में 24 जून 2018 रविवार को होगा। इस बार का विषय है
डॉक्टर प्रीता प्रिया हॉस्टल के लान में पुरवइया सी दौड़ती -भागती, हंसती- खिलखिलाती लड़कियों के झुंड के सामने अचानक ही
सुबोध कांत सिंह मंजिल यूं ही नहीं मिलती राही को जुनून सा दिल में जगाना पड़ता है पूछा चिड़िया को
विनोद कापड़ी के फेसबुक वॉल से दरमा घाटी की सैर जितनी यादगार है, उससे कहीं ज्यादा रोमांचकारी। रास्ता जितना दुर्गम
संगम पांडेय रवि तनेजा की प्रस्तुति कोणार्क अकेला ऐसा नाटक है जिसे मैंने देखने के पहले ही पढ़ रखा था।
डा.सुधांशु कुमार … बात यदि मानवों तक की रहती तो एक बात थी किंतु यहां तो ‘छिच्छकों’ का अति पेचीदा
जयंत कुमार सिन्हा लखनऊ का नाम आते ही नजर में कौध जाती है गोमती पर बिखरी गुलाबी शामें, लखौड़ियों से
सत्येंद्र कुमार यादव “सन् 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान फौज में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन उनकी कम उम्र