ग़ज़लों ने कहा अलविदा 2020, वेलकम 2021
पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की 70 वीं गोष्ठी में नये वर्ष का स्वागत “शाम-ए-ग़ज़ल” से हुआ। वर्ष के
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की 70 वीं गोष्ठी में नये वर्ष का स्वागत “शाम-ए-ग़ज़ल” से हुआ। वर्ष के
नीलू अग्रवाल रुकतापुर एक रिपोर्टर की ऐसी डायरी है जो कोशी- सीमांचल में घूमते हुए देखे -अनदेखे, सुने – अनसुने,वहां
ब्रह्मानंद ठाकुर देश के किसान एक महीने से दिल्ली दरबार की दहलीज पर आंदोलन कर रहे हैं। सर्द मौसम में
“पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” के अंतर्गत होने वाली साहित्य गोष्ठी नये साल के आगमन से ठीक पहले रविवार,
ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सबसे बड़ा भोजनालय बनकर तैयार है । सेक्टर 2 में नौ देवी दुर्गा माता मंदिर सेवा
हुसैन ताबिश की रिपोर्ट इंतजार किसे कहते हैं और इसका दर्द क्या होता है, अगर ये महसूस करते हो तो
सुनील श्रीवास्तव के फैकबुक वॉल से साभारआज गुरू की आयी चिट्ठी,गुम होय गयी सिट्टी -पिट्टी ,लिखे हैं बेटा बनत हो
ब्रह्मानंद ठाकुर बिहार की आबादी करीब 12 करोड है। यहां डाक्टरों के 11 हजार 373 पद सृजित हैं लेकिन लगभग
ब्रह्मानन्द ठाकुर, मुजफ्फरपुरर साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र वैशाली लोकसभा के अन्तर्गत और मुजफ्फरपुर जिले के पश्चिमी सीमा पर स्थित है। यहां चुनाव मुद्दो
सुनील श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से साभार उस दिवाली टूटा दीया,इस दिवाली फूटी किस्मत,उस दिवाली घना अंधेरा,इस दिवाली लूटी अस्मत।***किसने