यूपी को ‘बेस’ पसंद है !
कुमार सर्वेश यूपी चुनाव में सत्ता के लिए बिसात बिछ चुकी है। हर कोई अपने-अपने मोहरे मैदान में उतार चुका
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
कुमार सर्वेश यूपी चुनाव में सत्ता के लिए बिसात बिछ चुकी है। हर कोई अपने-अपने मोहरे मैदान में उतार चुका
संगम पांडेय आजमगढ़ के उजाड़ और खस्ताहाल शारदा टाकीज को अभिषेक पंडित और ममता पंडित ने रंगमंच के लोकप्रिय ठीहे
संजीव कुमार सिंह सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत खूब सुनी है, लेकिन इस बार अपने अरमानों पर ओले
गायक येसुदास को पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया है। उनके मुरीद प्रसन्न हैं। ऐसे ही एक मुरीद देवांशु झा
ब्रह्मानंद ठाकुर अपने बचपन का गणतंत्र दिवस याद है। तब मैं 8-9 साल का था । गांव के प्राइमरी स्कूल
ब्रह्मानंद ठाकुर सारा देश 68वां गणतंत्र बड़े उत्साह से मना रहा है । 26 जनवरी 1950 को आजाद भारत का
दीपक कुमार युवा लेखक पुष्यमित्र का नया उपन्यास ‘रेडियो कोसी’ लगभग भूल चुके त्रासदी को उजागर करता है। लेखक ने
पुष्यमित्र कोसी के तट पर बसे लोगों का दर्द वही समझ सकता है जो या तो वहां रहता हो या
ब्रह्मानंद ठाकुर पूरा उत्तर भारी पिछले 15 दिनों से भीषण ठंड की चपेट में है । पहाड़ों पर हो रही
अरुण प्रकाश यूपी चुनाव से पहले आरक्षण का जिन्न एक बार फिर ‘RSS की बोतल’ से बाहर आ चुका है