‘राष्ट्रवाद’ के सियासी छलावे में उलझता देश
ब्रह्मानंद ठाकुर आज देश में चारों तरफ राष्ट्रीयता और देशभक्ति की होड़ मची हुई है। ऐसा लगता है आजादी के
15 अगस्त से ‘बतइयो’ प्लेटफ़ॉर्म – डिजिटल ‘आज़ादी’ का नया अध्याय
शहर-शहर किसान आंदोलन की तेज होती ‘धार’
बागमती तटबंध पर ‘सुशासन’ का ‘विश्वासघात’ और जनता का आक्रोश
मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’
पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’
एक कप प्याली की ऊष्मा और मिठास से भरे सोलंकी सर
अपने गुरु से नाता जोड़, कहां गए मेरे गुरु हमको छोड़
इलाहाबाद में रंग प्रेमियों ने मनाया बंसी दा की स्मृतियों का उत्सव
सागर में आकाश चौरसिया की मल्टी लेयर फार्मिंग की कार्यशाला
बंसी कौल के लिए थिएटर ही रहा पहला और आखिरी परिवार
ब्रह्मानंद ठाकुर आज देश में चारों तरफ राष्ट्रीयता और देशभक्ति की होड़ मची हुई है। ऐसा लगता है आजादी के
ब्रह्मानंद ठाकुर 11 अगस्त 1908 की वो तारीख जिसे देश कभी भूल नहीं पाएगा क्योंकि ये वो दिन जब एक
आशीष सागर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है । प्रधानमंत्री मोदी हों या फिर सीएम
राकेश कायस्थ जिस दौर में चोर को चाणक्य और तड़ीपार को तारनहार का समानार्थी मान लिया गया है। उसी दौर
नीरज बधवार मुम्बई से जुड़ी एक ख़बर पढ़ी। बाद में टीवी चैनल्स पर भी उससे जुड़ी एक-आध रिपोर्ट देखी। एक
आशीष सागर दीक्षित हिंदुस्तान आजादी की 70वीं सालगिरह मनाने जा रहा है। एक बार फिर देश के मुखिया लालकिले की
जूली जयश्री दोस्ती इस रिश्ते के मामले में मैं इतनी अमीर हूं कि समझ में नहीं आ रहा कहां से
मित्र करता हूं मैं कई बार तुम्हारी आलोचना वह आलोचना जितनी तुम्हारी होती है उतनी ही मेरी भी ऐसा लगता
बदलाव प्रतिनिधि मामला 3 जुलाई 2017 का है। शिव सरोज कुमार ने एक सुसाइड नोट पीएम मोदी और झारखंड के सीएम
बदलाव प्रतिनिधि ये सवाल पहले से ही अंदरखाने उठ रहा था । छात्रों ने भी भ्रष्टाचार की बात उठाई थी