शरद अवस्थी

मौज-मस्ती..बेफिक्री…सुकून और नाईट लाइफ को जीने की जगह है गोआ…जहां रात को 12 बजे भी सड़कों से गुजरने में डर नही लगता…लेकिन इसी गोवा ने कला और संगीत के ऐसे नायाब नगीने भी दिए हैं जिनके बारे में जानकर इस क्षेत्र में रुचि रखने वालों को खुशी होगी। गोवा के ऐसे ही आर्टिस्ट थे “मारियो मिरांडा” जिन्होंने अपने कार्टून्स में गोआ के हर मूड का चित्रण किया है । वैसे उन्होंने कई शहरों के जीवन को अपनी पेंटिंग्स में उतारा जिनमें गोवा के अलावा पेरिस और हैम्बर्ग की पेंटिंग्स ने दुनिया भर में नाम कमाया और मुम्बईकर तो उनको भूल ही नही सकते, लेकिन मैं बात गोवा की कर रहा हूं ।

गोवा आने वालों के लिए Calangute और Baaga beach सबसे लोकप्रिय जगहों में एक हैं । इसी Calangute इलाके में मौजूद है मारियो गैलरी , जहां पर मारियो मिरांडा के कार्टून्स को देखने, समझने और उन्हें अपने घर में सजाने के मौका भी मिल सकता है। यहां पर आकर आप ये भी समझ सकते हैं अपनी जगह को एक महान कार्टूनिस्ट ने किस नज़र से देखा और दुनिया के सामने उसे कैसे पेश किया । मारियो ने गोवा के बीच, चर्च, बाज़ार, मंदिर, क्लब, हाट बाज़ार, स्कूल, दफ़्तर, इमारतों, रेस्टोरेन्ट विभिन्न संस्कृतियों के लोगों सबको अपने कार्टून्स से सजीव कर दिया ।

गोवा बाहरी दुनिया के लिए भले ही समंदर किनारे हाथ में बीयर की कैन लेकर आधे कपड़ों में धूप सेंकने, देश के सबसे साफ सुथरे बीच पर समंदर की लहरों से अठखेलियां करने की जगह हो, जहां पर भारत के कोने कोने से जोड़े हनीमून मनाने पहुंचते हैं…लेकिन गोवा के लोगों की ज़िंदगी इससे थोड़ी अलग है…और जो ज़िन्दगी गोवा के लोग जीते हैं वो कैसी है ? मारियो के कार्टून्स आपको समझा देंगे । बहुत कुछ है मारियो के बारे में बताने को.. जैसे उन्होंने इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ़ इंडिया, टाइम्स ऑफ़ इंडिया और इकॉनॉमिक टाइम्स के लिए लंबे समय तक कार्टून बनाए थे.
उनकी बॉस और सेक्रेटरी सीरिज़ के कार्टून और ग्लैमर वर्ल्ड की ‘मिस नींबूपानी’ जैसे पात्र काफ़ी चर्चित रहे । मारियो गैलरी में मौजूद सेलर्स से भी मारियो की ज़िंदगी के बारे में काफी जानकारियां मिलीं । उनके कार्टून्स के फोटो फ्रेम, कैंडल्स,की-रिंग्स, टेबल लैंप, हैंगिंग लैंप जैसी चीजें इस गैलरी में मौजूद हैं । गैलरी के बाहर तीन साइकल्स पर मारियो के मशहूर कार्टून्स के साथ तो विदेशी पर्यटक भी फ़ोटो क्लिक करा कर जाते हैं ।

दिसम्बर 2011 में ‘मारियो मिरांडा’ अपने कार्टून्स और कला की दुनिया के बेशकीमती तोहफे अपने कद्रदानों के लिए छोड़कर हमेशा के लिए चले गए । लेकिन गोवा के दिल में वो हमेशा ज़िंदा रहेंगे । क्योंकि मिरांडा ने गोवा को अपने कार्टून्स और चित्रों के ज़रिए दुनिया में एक अलग पहचान दी है । जिसके लिए उन्हें 1988 में पद्मश्री , 2002 में पद्मभूषण और 2012 में मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया । अगर आप भी कला के कद्रदान हैं और गोवा ट्रिप पर जाने की सोच रहे हैं तो थोड़ा वक्त मारियो मिरांडा की दुनिया में गुज़ार सकते हैं ।

शरद अवस्थी/इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र, प्रकृति और संगीत से गहरा लगाव रखते हैं । पिछले करीब डेढ़ दशक से मीडिया में सक्रिय । टीवी9, न्यूज 24, एमएच वन समेत तमाम न्यूज चैनल्स से एंकर की भूमिका निभा चुके हैं । संप्रति जी न्यूज चैनल में कार्यरत ।