Author Archives: badalav

मेरा गांव, मेरा देश

दरभंगा के आम और जोधा-अकबर का ‘प्रेम’

पुष्यमित्र आम का सीजन उफान पर है। इस साल भरपूर आम बाजार में उपलब्ध है, कीमत भी कम है, लिहाजा पूरा हिंदुस्तान खुलकर आम के रस में सराबोर हो रहा…
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मेरा गांव, मेरा देश

कविता मायूस, गीत उदास… गुबार देखते रहो

पीयूष बबेले कफन बढ़ा, तो किस लिए, नजर तू डबडबा गई कल शाम बाती का 50 साल पुराना शिकवा दूर हो गया। वो मचल कर कहती थी, दिया तो झूमे…
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चौपाल

बनारस में कथानक को इम्प्रेशन में बदलता ‘मैकबेथ’

संगम पांडेय व्योमेश शुक्ल की नई प्रस्तुति ‘बरनम वन’ का कलेवर मैकबेथ की तमाम होती रही प्रस्तुतियों में काफी मौलिक और नया है। यह खाली-मंच पर पश्चिमी ऑपेरा की मानिंद…
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मेरा गांव, मेरा देश

आज और कल जलालपुर में ‘मशरूम मैन’ की कार्यशाला

आजकल किसानों की आय दोगुनी करने की चर्चा हर तरफ हो रही है, लेकिन शायद ही कोई हो जो इस बात पर चर्चा करता हो कि आखिर क्या करने से…
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चौपाल

वीरेन नंदा की किस्सागोई पार्ट-6

सांकेतिक चित्र वीरेन नंदा किस्सागोई के पिछले अंक में आपने पढ़ा कि किस तरह कवि- कहानीकार दोस्तों ने भिक्षा प्रकाशन के लिए एक लाख रुपये का इंतजाम किया और ये…
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मेरा गांव, मेरा देश

बुंदेलखंड में अवैध खनन का खुला खेल

आशीष सागर यूपी के बुंदेलखंड में खनन का मसला उठना कोई नई बात नहीं है। महोबा का पनवाड़ी अवैध बालू व्यापार का नया ठिकाना बनकर उभरा है। योगी सरकार से…
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बिहार/झारखंड

मुजफ्फरपुर में याद किए गए राहुल सांकृत्यायन

ब्रह्मानंद ठाकुर महापंडित राहुल सांकृत्यायन वैज्ञानिक समाजवादी विचारधारा के अनथक योद्धा साहित्यकार थे। उन्होंने अपने अगाध पांडित्य  को वर्ग शत्रु के खिलाफ आम जनता के जनवादि अधिकारों के लिए हथियार…
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चौपाल

ग्रामीण चेतना के महाकवि रामइकबाल सिंह ‘राकेश’

डा. सुधांशु कुमार अवसानोन्मुख छायावाद के साहित्याकाश में मानववाद एवं ग्राम्य चेतना के महाकवि रामइकबाल सिंह 'राकेश' का उदय हिंदी कविता के लिए एक नवीन दृष्टिकोण का सबब बना ।…
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मेरा गांव, मेरा देश

‘असंभव के विरुद्ध’ एक आवाज़ का यूं गुम हो जाना

कल्पेश जी को भावभीनी श्रद्धांजलि पुष्य मित्र भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक के निधन से पूरा मीडिया जगह स्तब्ध है। हर कोई अपने अपने तरीके से कल्पेश जी को…
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मेरा गांव, मेरा देश

सोशल मीडिया के ‘ब्लैकहोल’ में गुम होता युवावर्ग

डा. सुधांशु कुमार आज जिस प्रकार सोशल मीडिया पर खासकर किशोर और युवावर्ग अपनी आंखें गड़ाए रहते हैं , यह उनके कैरियर के लिए किसी चुनौती से कम नहीं ।…
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