सईद अयूब के फेसबुक वॉल से साभार

माटी पानी’ की ओर से गाँव हरदुआ में पुस्तकालय स्थापना के अवसर पर (दिनाँक- 23-24 फ़रवरी, 2019) आप सब सादर आमंत्रित हैं। माटी पानी’ की ओर से गाँव में आपके ठहरने व भोजन आदि की एक ‘ग्रामीण’ व सामूहिक व्यवस्था की जाएगी।

दोस्तों,

एक सपना था जिसे सच करना था, एक ख़्वाब था जिसकी ताबीर पानी ही पानी ही थी। एक ज़िद थी कि रास्ते चाहे जितने मुश्किल हों, सफ़र शुरू कर ही देना है। शुक्र है, आप सबकी दुआओं से हम उस सपने को सच करने की ओर पहला क़दम उठा रहे हैं।

वह फ़रवरी 2015 की एक दोपहर थी जब दिल्ली में चल रहे पुस्तक मेले से कुछ समय चुरा कर हमने (पंकज, सईद और पवन) एक बैठक की और कुछ ठोस करने का निर्णय लिया जिसके फलस्वरूप ‘हम लोग’ समूह अस्तित्व में आया और हमारे आह्वान पर बहुत से शहरों से लोग इकट्ठा हुए और हमने अपनी पहली यात्रा 2 अप्रैल 2015 को दुधवा नेशनल पार्क और फिर वहाँ से हरदुआ गाँव तक की। जब हम पंकज मिश्र के गाँव ‘हरदुआ’ पहुँचे तभी मन ही मन यह तय हो चुका था कि इस गाँव से शुरू करके, बाक़ी गाँवों तक पहुँचना है और ‘कुछ’ करना है। वह ‘कुछ’ क्या हो, इस पर असमंजस था। क्या करना है और कैसे करना है इस पर लगातार बातें होती रहीं। इस बीच हमने कुछ और यात्राएँ कीं, कुछ मित्र इस रास्ते में छूट गए लेकिन बहुत से नए मित्र जुड़े और ‘हम लोग’ के साथ-साथ ‘माटी पानी’ अस्तित्व में आया।

‘माटी पानी’ का मुख्य उद्देश्य गाँवों के लिए काम करना है। मुख्यतः किसानों और उन बच्चों के लिए जिनके पास शिक्षा हासिल करने का न तो कोई ज़रिया है, न संसाधन है, न कोई प्रोत्साहन है और कई बार उनके पास समय भी नहीं है। हमारे पास उनके लिए कुछ योजनाएँ हैं जिन्हें उचित समय पर हम आपके सामने रखेंगे। फिलहाल हमारे पास चुनौती थी ‘एक शुरुआत’ की और हमें प्रसन्नता है कि हम शुरुआत करने जा रहे हैं और यह शुरुआत हो रही है गाँव में एक पुस्तकालय की स्थापना के साथ।

गोकि पुस्तकालय स्थापना का हमारा सपना बहुत पुराना था लेकिन ममता सिंह जी द्वारा पिछले वर्ष अपने गाँव में एक पुस्तकालय की सफलतापूर्वक स्थापना और डॉ. प्रदीप कुमार शुक्लाजी द्वारा अपने गाँव में पुस्तकालय स्थापना के प्रयासों ने हमें कहीं न कहीं अवश्य प्रेरित किया है और अब हम हर्षपूर्वक ‘माटी पानी पुस्तकालय’ ग्राम-हरदुआ, ज़िला-शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) की स्थापना की घोषणा कर रहे हैं।

साथियो, यह पुस्तकालय आप सबके सौजन्य से स्थापित हो रहा है। इस पुस्तकालय के लिए और ‘माटी पानी’ के लिए आप जो भी सहयोग देना चाहें हम उसके प्रति आभारी होंगे।

पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है-

23 फ़रवरी, 2019 (शनिवार)
दोपहर 12 बजे- भोजन
दोपहर 2 बजे- पुस्तकालय का उद्घाटन
सांयकाल 3 बजे से 6 बजे तक- सांस्कृतिक संध्या
सांयकाल 6 बजे से रात्रि 8 बजे-चाय-वाय, गाँव वालों से बातचीत, घूमना-फिरना
रात्रि 8 बजे- भोजन
रात्रि 9 बजे से- नाटक, गायन आदि-आदि

24 फ़रवरी, 2019 (रविवार)
प्रातः काल- गाँव भ्रमण, कोल्हू और खेतों की यात्रा
9 बजे से- शारदा सागर बाँध व चूका बीच की यात्रा (इस यात्रा के इच्छुक लोग ही इस यात्रा में शामिल होंगे और इस यात्रा का ख़र्च जैसे गाड़ी का किराया, रास्ते में चाय आदि सामूहिक रूप से उठाया जाएगा। माटी पानी की ओर से लंच पैक उपलब्ध करवाया जाएगा।) 

जो लोग उसी दिन यानी रविवार को ही वापस जाना चाहेंगे उन्हें चूका बीच से वापसी में पीलीभीत बस डिपो तक पहुँचाने की व्यवस्था रहेगी, जहाँ से उन्हें शाहजहांपुर, बरेली, दिल्ली आदि स्थानों के लिए सीधी बस मिल सकती है या वे शाहजहांपुर या बरेली जाकर वहाँ से अपने गंतव्य स्थान के लिए ट्रेन ले सकते हैं।

आप सभी इस आयोजन में सादर आमंत्रित हैं। ‘माटी पानी’ की ओर से गाँव में आपके ठहरने व भोजन आदि की एक ‘ग्रामीण’ व सामूहिक व्यवस्था की जाएगी। और जानकारी के लिये आप पंकज मिश्र को 9690020681 या सईद अय्यूब को 9717497640 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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