Archives for मेरा गांव, मेरा देश - Page 3

मेरा गांव, मेरा देश

देश के ‘दूसरे गांधी’ के सवालों का जवाब तो दे सरकार

पशुपति शर्मा अन्ना नहीं आंधी है, देश का दूसरा गांधी है। इन नारों की गूंज आज से करीब 4 साल पहले के रामलीला मैदान के आंदोलन के दौरान खूब सुनी…
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मेरा गांव, मेरा देश

ऐसे दरिंदे न पिता, न पुत्र, न भाई और पति तो कतई नहीं!

देवांशु झा बुलंदशहर का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें भरी पंचायत के सामने एक व्यक्ति अपनी पत्नी को पेड़ से बांधकर बेल्ट से पीट रहा है। कारण बताना जरूरी…
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मेरा गांव, मेरा देश

किसान मेला- वीआईपी लॉन्ज के लिए 3 किलोमीटर पैदल मार्च

अरुण यादव कृषि उन्नति मेला 16 से 18 मार्च पूषा कृषि अनुसंधान केंद्र में आयोजित हुआ पिछला हफ्ता देश के किसानों के लिए काफी अहम रहा। एक तरफ महाराष्ट्र में…
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माटी की खुशबू

“मां को कैसे संभालूंगा बाबूजी…”

माता-पिता के साथ न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी के पूर्व मैनेजिंग एडिटर अजित अंजुम वरिष्ट पत्रकार अजित अंजुम के पिता राम सागर प्रसाद सिंह का निधन 20 मार्च की सुबह…
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बिहार/झारखंड

क्यों अलग राज्य बना बिहार ?

बिहार, जो मगध साम्राज्य के रूप में एक जमाने में लगभग 650 साल तक देश की राजनीति का केंद्र रहा था। जिस मगध साम्राज्य की सीमा इतनी विस्तृत थी कि…
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आईना

पूरे शंख और पुष्प की आभा से कवि केदारनाथ को प्रणाम

यतीन्द्र मिश्र एक शानदार कविता ने जैसे अपना शिखर पा लिया हो। कथ्य की आभा से छिटककर तारे की द्युति सी चमक। केदारनाथ सिंह के निधन का आशय बस इतना भर…
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चौपाल

विद्रोह समाप्त, अब विद्रोह का माफी-राग!

धीरेंद्र पुंडीर एक के बाद एक माफी का सिलसिला चल निकला। याद है कि इस शख्स ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन कोई मंत्रालय नहीं क्योंकि देश भर…
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बिहार/झारखंड

अन्नदाता की उन्नति के लिए ‘फसल सलाह’

अरुण यादव पिछले हफ्ते राजधानी दिल्ली के पूषा कृषि अनुसंसाधन संस्थान में कृषि उन्नति मेला आयोजित हुआ । 16 से 18 मार्च तक चला किसान मेला जितना भव्य रहा उतना…
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चौपाल

प्रभात गांगुली ने क्यों छोड़ा ग्वालियर, ये किस्सा फिर कभी

अनिल तिवारी बीआईसी के मुख्य नाट्य निर्देशक थे सत्य पाल सोलंकी और श्री के सी वर्मा। सोलंकीजी एक नाट्य संस्था और चलाते थे जिसका नाम था- अभिनव कला केन्द्र। इसी…
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मेरा गांव, मेरा देश

इस जीत का चेहरा कौन, गठबंधन का मोहरा कौन?

रविकिशोर श्रीवास्तव राजनीति में दुश्मन कब दोस्त बन जाएं, अपने कब बाग़ी... ये वक्त की ज़रूरत पर निर्भर है। इसकी तदबीर को यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से आसानी से समझा जा सकता है। लेकिन अखिलेश और मायावती की मुलाकात क्या…
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