बदलाव बाल क्लब के गुरु और बच्चे।
बदलाव बाल क्लब के गुरु और बच्चे।

बदलाव बाल क्लब के सदस्यों के साथ एक महीना कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। खासकर बाल क्लब की समर क्लास का आखिरी दिन तो कभी नहीं भूल पाएगा। रविवार सुबह जैसे ही घड़ी में 9 बजे बदलाव बाल क्लब की टोली धड़धड़ाकर वैशाली सेक्टर-6 के मीडिया इन्क्लेव की टॉप मंजिल पर पहुंच गई और शुरू हुई उस दिन के खास कार्यक्रम की तैयारी। कैंप को-ऑर्डिनेटर मोहन जोशी और प्रदीप्ता झा की देखरेख में बच्चों ने प्रैक्टिस शुरू की। आखिर एक महीने तक कैंप में जो कुछ सीखा उसकी एक झलक दिखाने का वक्त था।

बच्चे और उनकी माताएं।
बच्चे और उनकी माताएं।

बच्चों ने आपस में कार्यक्रम के संचालन की पूरी पटकथा तैयार की। मंच का संचालन कौन करेगा। कौन कविता सुनाएगा, कौन डांस करेगा, किस गाने पर डांस होगा, ये तमाम तैयारियां करने में बच्चे मशगूल थे। इस बीच बजरंग झा, पशुपति शर्मा, सतेंद्र और मैं कॉलोनी के चेयरमैन दर्शन लाल चमोली के साथ मिलकर बेसमेंट की साफ-सफाई में जुट गए। दर्शन लाल चमोली हमारे आज के कार्यक्रम के खास अतिथि भी थे, लेकिन कहते हैं उनके काम करने का स्टाइल यही है। वो खुद सारे काम में जुट जाते हैं।

ऊपर बच्चे अपने परफॉर्म की तैयारी कर रहे थे और नीचे बड़े बच्चों के लिए स्टेज संवार रहे थे। ये सब करते हुए डेढ़ घंटे कैसे बीत गए पता नहीं चला। इस बीच बच्चों की टोली तय समय के मुताबकि ऊपर से नीचे आ गई और शुरू किया फ़ाइनल रिहर्सल। अपनी डांस टीचर प्रदीप्ता की देखरखे में बच्चों ने ग्रुप डांस शुरू किया हालांकि एक महीने तक फ्रंट पर रहकर बच्चों को डांस सिखाने वाली प्रदीप्ता खुद पीछे हो गई और बच्चों के साथ स्टेप से स्टेप मिलाने का फैसला किया। फ़ाइनल रिहर्सल देख मैं हैरान था, बच्चे सधे हुए अंदाज में म्यूजिक के साथ कदम ताल मिला रहे थे।

दर्शकों के मौजूद बच्चों के अभिभावक, दादा-दादी और परिवार के लोग।
दर्शकों के मौजूद बच्चों के अभिभावक, दादा-दादी और परिवार के लोग।

खैर इस बीच पैरेंट्स का आने का सिलसिला शुरू हुआ। बच्चों ने भी थोड़ा ब्रेक लिया और फिर मुख्य अतिथि दर्शन लाल चमोली और तमाम मेहमानों की मौजूदगी में शुरू हुआ बच्चों कार्यक्रम। मंच बच्चों के हवाले था। अगले एक घंटे तक बच्चों ने अपने अंदाज में मंच पर मस्ती की। सब कुछ बेहद सहज। कार्यक्रम की शुरुआत एक छोटे से नाटक के जरिए की गई। आ खेल खेलें हम के सामूहिक गान के साथ नाचते-कूदते बच्चों ने बारी-बारी से कुछ कविताएं पढ़ीं, नाटक किया।

थोड़ा डांस, थोड़ी मस्ती।
थोड़ा डांस, थोड़ी मस्ती।

इसके बाद शुरू हुआ डांस का सिलसिला। सबसे पहले कुछ बच्चों ने अलग-अलग गाने पर डांस किया । 7 साल की रिद्धिमा ने मां के नाम गाने पर डांस किया। आर्यन, तन्मय, गौरिका, माही, अनन्या ने भी परफॉर्मेंस की। इसके बाद सामूहिक डांस परफार्मेंस । मनमा इमोशन जागे पर जयंत ने दर्शकों का मन मोह लिया। ग्रुप डांस में बच्चे इतने ऊर्जावान दिख रहे थे कि उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।बच्चों के उत्साह को देख पेरेंट्स से रहा नहीं गया और उनका हौसला बढ़ाने के लिए बच्चों की टोली में शामिल हो गए। कोई डांस करने लगा तो कोई तालियों के साथ बच्चों का अभिवादन करने लगा। हॉल में मौजूद लोग खड़े हो कर तालियां बजाने लगे। कुछ लोग सामने अपने घर की बालकनी से ही बच्चों के इस खेल का लुत्फ उठा रहे थे।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दर्शन लाल चमोली बच्चों को सर्टिफिकेट बांटते हुए।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दर्शन लाल चमोली बच्चों को सर्टिफिकेट बांटते हुए।

डांस के बाद बदलाव बाल क्लब के समर कैंप के सर्टिफिकेट बांटे गए। इसका सिलसिला आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दर्शन लाल चमोली ने शुरू किया। उन्होंने  बाल क्लब के सबसे छोटे सदस्य अथर्व यादव को सर्टिफिकेट सौंपा। फिर वहां मौजूद विशिष्ट मेहमानों ने बच्चों को सर्टिफिकेट बांटे। किसी को दादा-दादी के हाथ सर्टिफिकेट मिला तो किसी को नाना के हाथों। ये महज संयोग था कि समर कैंप के आखिरी दिन परिवार के लोग मौजूद थे।


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