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सत्येंद्र कुमार यादव

पिछले हफ्ते बारिश और ओले पड़ने की वजह से कई इलाकों में गेंहूं की फसल बर्बाद हो गई। कहीं आंशिक रूप से नुकसान हुआ तो कहीं ज्यादा। किसान हर साल इस तरह की तबाही का सामना करते हैं। फिर मुआवजे के लिए आवाज उठाते हैं लेकिन मिलता है क्या- 20, 30, 50 , 100 या 500 रुपए का चेक, जो जले पर नमक का काम करता है। ऐसी तबाही से किसान हतोत्साहित होता है, खेती-किसानी से मोह भंग होने लगता है और नतीजा एक किसान मजदूर बनने पर मजबूर हो जाता है। इन्हीं मुश्किलों से निपटने के लिए केंद्र की वर्तमान सरकार फसल बीमा योजना लेकर आई है, हालांकि अभी रबी के फसल पर ये बीमा योजना लागू नहीं होगी। ख़रीफ़ की फसल का बीमा किसान जल्द करा लें।

पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद व्यक्त करते हुए बताया कि “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी 45 जिलों में लागू है लेकिन 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू हो जाएगी। किसान फसल बीमा योजना के साथ 7 अन्य बीमा योजनाओं का भी लाभ ले सकते हैं।” यानि किसान भाई सिर्फ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 7 बीमा योजनाओं ( प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, छात्र सुरक्षा बीमा योजना, कृषि संयंत्र बीमा योजना, किसान ट्रैक्टर बीमा और किसान मोटर बाइक योजना) का लाभ उठा सकते हैं।

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फोटो- विष्णु कुमार (मेले में किसान)

किस फसल का बीमा कब ?

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ऐलान तो कर दिया है लेकिन अभी तक किसानों तक ये बात नहीं पहुंची है कि कौन सी फसल का बीमा कब होगा? रबी का सीजन खत्म हो रहा है। इस फसल पर नई बीमा योजना लागू नहीं होगी। किसान भाइयों आप खरीफ की फसल का बीमा तुरंत करा लें। 31 जुलाई तक खरीफ फसल के लिए बीमा कराना होगा। हां, ख़रीफ़ की फसल के बाद रबी की फसल के लिए बीमा आप 31 दिसंबर तक करा सकते हैं।

नई बीमा योजना से फायदा

किसान अब भी ये नहीं समझ पाए हैं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से उन्हें कैसे फायदा मिलेगा और कब-कब? प्राकृतिक आपदा, फसलों में रोग लगने पर, कीटों से नुकसान पर, ओलावृष्टि, लेंड स्लाइड से नुकसान पर किसान मुआवजे के लिए क्लेम कर सकते हैं। यही नहीं फसल की कटाई होने के 14 दिन के अंदर भी अगर किसी वजह से नुकसान होता है तो किसान बीमा योजना के तहत नुकसान का मुआवजा ले सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कराने के लिए किसानों को खरीफ की फसल के लिए बीमित राशी का सिर्फ 2 फीसदी और रबी फसल के लिए बीमित राशि का सिर्फ 1.5 फीसदी रकम का भुगतान करना होगा और बाकी सरकार देगी। एक जानकारी और बता दें- जो किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं  उन्हें अनिवार्य रूप से बीमा कराना होगा और बाकी किसान अपनी इच्छा अनुसार बीमा करा सकते हैं।

qwe1नई बीमा योजना के तहत कौन-कौन फसलें?

किसान रबी की फसलों में गेहूं, सरसों, लाही, चना, मटर, आलू, प्याज, जौ का बीमा करा सकते हैं। वहीं खरीफ फसलों में अरहर, गन्ना, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उर्द, मूंग, मूंगफली, तिल, सोयाबीन का बीमा कराया जा सकता है। इसके अलावा  कपास, जूट, चाय, केला, मिर्च का भी प्रावधान है। सरकार हर साल आपदा राहत पर 5 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है। इस फसल बीमा योजना के वजह से सरकार पर भार बढ़ेगा। हर साल सरकार को करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपए की जरूरत होगी। क्योंकि किसानों का प्रीमियम खाद्यान और तिलहन पर अधिकतम 2 फीसदी और बागवानी, रबी फसल के लिए किसानों का हिस्‍सा 8 से 10 प्रतिशत सलाना प्रीमियम के मुकाबले 1.5 प्रतिशत रखा गया है। कपास की फसल से लिए 5 फीसदी। बाकी प्रीमियम सरकार को भरना पड़ेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौजूदा राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना और संशोधित एनएआईएस के स्‍थान पर होगी। बताया जा रहा है कि नई योजना से बीमा प्रीमियम में किसानों के लिए करीब 75-80 प्रतिशत की सब्‍सिडी सुनिश्‍चित की जाएगी। अभी बीमा के दायरे में 194.40 मीलियन हेक्टेयर फसलों को रखा गया है। किसान भाइयों देर ना करें। जल्द से जल्द अपनी फसल का बीमा करा लें ताकि नुकसान होने पर सरकारी मुआवजे की घोषणा का इंतज़ार ना करना पड़े।


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सत्येंद्र कुमार यादव,  एक दशक से पत्रकारिता में । माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता के पूर्व छात्र । सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता से आप लोगों को हैरान करते हैं । आपसे मोबाइल- 9560206805 पर संपर्क किया जा सकता है ।


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