बदलाव प्रतिनिधि, मुजफ्फरपुर

दुल्हन बनी जूली के सारे अरमान धरे रह गये। आरोप है कि शादी के दो घंटे बाद पुलिस ने कोहवर से जूली को घसीट कर बाहर निकाला। उसे और उसकी बडी बहन दोनों को पीटते हुए थाने ले जाने को लेकर हो हंगामा भी काफी मचा। कहा जा रहा है कि दोनों बहने इस दौरान गम्भीर रूप से घायल हो गयीं। जेल प्रशासन ने उसे  सदर अस्पताल में एडमिट कराया।

वाकया मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाने के गायघाट पछियारी टोले का है। सेवानिवृत हेडमास्टर नन्द किशोर सिंह की दूसरी बेटी है जूली। रेखा उसकी बड़ी बहन है, जिसका विवाह इसी थाने के भुसरा गांव में विजय सिंह से हो चुका है। गायघाट थाने के ही मैठी गांव निवासी कुनकुन सिंह के  पुत्र अभिनव कुमार से जूली का विवाह होना तय हो  चुका था। विजय और अभिनव  फुफेरा- ममेरा भाई हैं।

शादी नवम्बर में होने वाली थी। इसी बीच जूली के पिता नन्द किशोर सिंह अचानक गम्भीर रूप से बीमार हो गये। लिहाजा उन्होंने अपने दामाद विजय से इच्छा जताई कि वे अपनी जिंदगी में जूली का हाथ पीला होते देखना चाहते हैं। अपने ससुर की गम्भीर हालत देख 25 मई को विजय, अभिनय को सारी स्थिति बताते हुए बुला कर  गायघाट ले  आया।  गांव के लोगों की मौजूदगी में विवाह की रस्म पूरी की गई। दूल्हा -दुल्हन कोहबर में  गये। और उसके बाद जो कुछ हुआ उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।

इस घटना पर मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। गाय घाट के ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कैंडिल मार्च निकाला। प्रभारी उमाशंकर मांझी के विरुद्ध कार्रवाई हो रही है। आरोप है कि दोनों महिलाओं की इसी पुलिस अधिकारी ने बर्बर तरीके से थाने में पिटाई की थी। वरीय आरक्षी अधीक्षक ने गायघाट थाने के सभी पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया और  लाईन हाजिर के निर्देश जारी कर दिए। उधर अभिनव का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से विवाह किया है।

वहीं आरोपी पुलिसवाले इसे जबरन शादी का मामला बताकर कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं। घटना वाले दिन गायघाट थाना सहित तीन थानों की पुलिस  अचानक वहां पहुंची और यह कहते हुए घर को घेर लिया कि उसे सूचना मिली है कि लड़का भगा कर जबरन शादी कराई गई है। इतनी संख्या में पुलिस को आया देख दूल्हा अभिनव  डर के मारे चुपके से भाग खड़ा हुआ। फिर शुरू हुआ पुलिसिया तांडव। पुलिस ने घर में घुस कर जूली को घसीटते हुए बाहर निकाला। बचाने आई उसकी बड़ी बहन रेखा  समेत  ग्रामीण श्रीनिवास सिंह और गुड्डु पाण्डेय को गिरफ्तार कर थाने ले आयी। वहां मौजूद  अन्य महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। जूली की मां सुमित्रा देवी ने गायघाट थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों सहित आठ लोगों के ख़िलाफ़ कोर्ट में प्रतिवाद दायर किया है।

ऐसी घटनाएं सवाल उठाती हैं कि पुलिस और प्रशासन में ये कौन लोग बैठे हैं, जो पूरे सिस्टम को अपनी जेब में रखने का दंभ भरते हैं।

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