Archives for माटी की खुशबू - Page 3

माटी की खुशबू

क्या एक किसान हमारा राष्ट्रपति बन सकता है?

पुष्यमित्र तस्वीर रूपक के फेसबुक वाल से साभार। वे भी इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं। इन दिनों देश अपने नये राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर उत्सुक है। हालांकि…
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एमपी/छत्तीसगढ़

रंगमंच की दुनिया में ग्वालियर शहर की धमक

संगम पांडेय ग्वालियर के नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह में जाने से लगता है मानो आप वक्त के किसी लंबे वक्फे का हिस्सा हों। यहाँ की दीवारों, कुर्सियों, पंखों तक में कई…
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माटी की खुशबू

ढूंढिए… आपके आस-पास ही हैं ‘कबीर के लोग’

पुष्य मित्र बोरिंग कैनाल रोड पर अक्सर एक गाड़ी दिखती थी, जिसके पीछे लिखा होता था- कबीर के लोग। मैं अक्सर सोचता कि पटना में ऐसा कौन प्रगतिशील व्यक्ति है,…
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माटी की खुशबू

अरे, यहां तो सब बंजारे !

                        संजय पंकज  मदहोशी में सारी जगती, थरती भरती भीड़ है अरे, यहां तो सब बंजारे, कहां किसी की नीड है। धोखा खाती बरबस आखें, कांटे चुभते पांव में, चलती…
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माटी की खुशबू

सिंहेश्वर का मेला और बचपन की रोमांचक यादें

रुपेश कुमार यूँ ही मोबाइल का फोटो चेक करते हुए इस बार मेले में 08 मार्च को सर्कस देखने के दौरान ली गयी तस्वीर दिखी तो लगा कि पोस्ट कर…
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माटी की खुशबू

चिड़ियों के लिए निमंत्रण पत्र

पंखुरी सिन्हा फोटो- साभार अजय कुमार कोसी बिहार के फेसबुक वॉल से चिड़ियों को नहीं भेजने होते कबूतरों के गुलाबी पैरों में बाँध कर निमंत्रण पत्र केवल पेड़ लगा देने…
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खेती-बाड़ी

बिना किसी खर्च बनाएं कंपोस्ट और बढ़ाएं पैदावार

इफको के फेसबुक वॉल से रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से खेतों में पैदावार जरूर बढ़ती है लेकिन जमीन की उर्वरा शक्ति खत्म होती गई । लिहाजा अब किसान धीरे-धीरे जैविक…
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माटी की खुशबू

कितना आसान है…

नूतन डिमरी गैरोला दूसरों के चेहरों की मुस्कानों से उल्लसित हो जाना तृप्त हो जाना मुस्कानों के सिलसिलों का खुद के चेहरे से जारी हो कर दुनियां भर में फ़ैल…
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माटी की खुशबू

कटरा को सांसद गोद तो लिए हैं लेकिन ‘आदर्श’ कुछ भी नहीं है !

आशीष सागर दीक्षित केंद्र में बीजेपी की सरकार आई तो प्रधानमंत्री मोदी ने देश के गाँवो को बड़ा सपना दिखाया। उन्होंने अपने साथ-साथ सभी निर्वाचित सांसद के लिए निर्वाचन क्षेत्र…
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माटी की खुशबू

विकास की आपाधापी में दम तोड़ती नैतिकता

ब्रह्मानंद ठाकुर आज हमारा गांव विकास के इस आपाधापी में अतीत के तमाम उच्च नैतिक मानदंडों को बड़ी तेजी से खोता जा रहा है। सम्पूर्ण युवा पीढी अपसंस्कृति की जाल…
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