Archives for माटी की खुशबू - Page 3

माटी की खुशबू

वर्ल्ड थियेटर डे- हम सब के दिल में बसा है ‘नटकिया’

पशुपति शर्मा वर्ल्ड थियेटर डे। रंगमंच के उत्सव का एक दिन। वो उत्सवधर्मिता जो रंगकर्म में स्वत: अंतर्निहित है। यकीन न हो तो किसी रंगकर्मी से पूछ कर देख लें।…
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माटी की खुशबू

“मां को कैसे संभालूंगा बाबूजी…”

माता-पिता के साथ न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी के पूर्व मैनेजिंग एडिटर अजित अंजुम वरिष्ट पत्रकार अजित अंजुम के पिता राम सागर प्रसाद सिंह का निधन 20 मार्च की सुबह…
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बिहार/झारखंड

अन्नदाता की उन्नति के लिए ‘फसल सलाह’

अरुण यादव पिछले हफ्ते राजधानी दिल्ली के पूषा कृषि अनुसंसाधन संस्थान में कृषि उन्नति मेला आयोजित हुआ । 16 से 18 मार्च तक चला किसान मेला जितना भव्य रहा उतना…
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माटी की खुशबू

बुजुर्गों का अकेलापन और हमारी जिम्मेदारी

पशुपति शर्मा घर के दरवाजे पर हाथ में अखबार लिए बड़ी तल्लीनता से खबरों से बावस्ता मेरे फूफाजी। तस्वीर बुआ के बारहवीं का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद अलसुबह की…
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माटी की खुशबू

असली किसान कौन ?

जब जब किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरता है तब किसान विरोधी सोच वाले तमाम फेसबुकिया ब्रिगेड झूठ फैलाने के लिए तैयार खड़ी हो जाती है । कोई…
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चौपाल

बनपुरी के डिजिटल स्कूल बनने की कहानी गजब-दिलचस्प है!

शिरीष खरे बारह साल पहले जब यहां यह स्कूल नहीं था तब एक आदमी ने अपनी जमीन दान कर दी। लेकिन, स्कूल के लिए जब भवन उपलब्ध नहीं था तब…
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माटी की खुशबू

बहुत तकलीफ़देह है नीलाभ का यूं जाना

नमस्ते, कल्पितजी !  मैं नीलाभ मिश्र हूँ, पटना से आया हूँ । नवें दशक का कोई शुरुआती वर्ष था, जब नीलाभ मिश्र मुझसे मिलने अशोक-मार्ग के घर आये थे। नवभारत…
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माटी की खुशबू

मन फागुन-फागुन हो गया

       संजय पंकज  मंजरियों की गंध लगी तो  मन फागुन फागुन हो गया! प्रेमिल सुधियाँ अंग लगी तो  मन फागुन फागुन हो गया! भूले बिसरे आज अचानक  जाने …
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माटी की खुशबू

पूर्णिया में ‘गोकुल का छोरा, बरसाने की नार’

डॉ शंभु लाल वर्मा ‘कुशाग्र’ "एक डाल दो पाच्छी है बैठा कौन गुरु कौन चेला/ गुरु की करनी गुरु भरेगा चेला की करनी चेला /उड़ जा हंस अकेला" - कबीर…
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माटी की खुशबू

राजधानी दिल्ली में ‘अलग मुलक का बाशिंदा’

पशुपति शर्मा राजकमल नायक। रंगमंच का ऐसा साधक, जिसने मंच पर तो एक बड़ी दुनिया रची लेकिन सुर्खियों के ताम-झाम से हमेशा खुद को दूर रखा। सामान्य सी कद काठी से…
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