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परब-त्योहार

कृष्ण की पूजा कीजिए… लेकिन कृष्ण के बताए रास्ते पर एक कदम तो चलिए

योग गुरु धीरज वशिष्ठ पूरे मानवता के इतिहास में कृष्ण अकेले ऐसे व्यक्तित्व हैं जो सभी आयामों में खिले हुएं हैं। कहीं वो बांसुरी बजाने वाले कृष्ण हैं तो कहीं…
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माटी की खुशबू

हिंदी गजल के कोहिनूर दुष्यंत कुमार

डा. सुधांशु कुमार 'मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूं/वो गजल आपको सुनाता हूं ।' ओढ़ने बिछाने की शैली एवं सरल सपाट शब्दों द्वारा आम जनता से सीधा-सीधा संवाद करने वाले बीसवीं…
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परब-त्योहार

कृष्ण का जन्मोत्सव नहीं,  कर्मोत्सव मनाने का समय है यह

ब्रह्मानंद ठाकुर चुल्हन भाई के यहां हर साल बड़े धूमधाम से  कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस दिन उनके दरबाजे के मंदिर को खूब सजाया जाता है। वैसे यहां अगल-बगल…
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सुन हो सरकार

सत्ताधारियों का अर्बन नक्सल का नया मुहावरा

पुष्यमित्र यह सच है कि बड़े शहरों में माओवादियों के सिम्पेथाइजर रहते हैं। ये दो तरह के होते हैं। पहले जो इन माओवादी समूह के सदस्य होते हैं और इन्हें…
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गांव के नायक

वैकल्पिक मीडिया पर एक्शन का इससे बेहतर वक़्त नहीं

राकेश कायस्थ के फेसबुक वॉल से साभार लंबे समय बाद गलती से न्यूज़ चैनल ऑन कर बैठा। सबसे हाहाकारी क्राइम शो में सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा की तस्वीरें कुछ…
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चौपाल

सेवाग्राम का सबक- स्वच्छता, प्रार्थना और स्वावलंबन

संदीप नाईक बहुत सारी खराब बातों के बावजूद बहुत सारी अच्छी बातें सेवाग्राम के आश्रम में मौजूद हैं, इनमें से प्रमुख हैं - स्वच्छता , प्रार्थना और स्वावलंबन। पूरे परिसर में…
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यूपी/उत्तराखंड

लगता है इंसानियत का खेत बंजर हो गया

बदलाव प्रतिनिधि, ग़ाज़ियाबाद 26 अगस्त ’ 2018, रविवार, वैशाली,गाजियाबाद।  “प्रेम सौहार्द भाई चारे” पर गीतों , कविताओं और गजलों से परिपूर्ण “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 47वीं साहित्य गोष्ठी वैशाली सेक्टर चार, स्थित हरे भरे मनोरम सेंट्रल पार्क में सम्पन्न हुई। गोष्ठी…
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गांव के रंग

हुजूर, हमारी कई ज़िंदगियों से बड़ा है उनका मान-सम्मान

पशुपति शर्मा के फेसबुक वॉल से साभार मित्रो इन दिनों कुछ लोगों का सम्मान आम लोगों की ज़िंदगी से लाखों-करोड़ों गुना ज्यादा अहम हो गया है। शायद यही वजह है…
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चौपाल

मानव जाति का पहला वैज्ञानिक आविष्कार क्या था ?

ब्रह्मानंद ठाकुर फोटो सौजन्य- अजय कुमार कोसी बिहार आई का बतकही बिलकुले एक नया लुक में  था। असल में हुआ यह कि साउनीघड़ी पवनिए के दिन 15 अगस्त वाला परब…
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माटी की खुशबू

डेढ़ लाख लाशों के क़ातिल देख के मत चलो

शंभु झा ए भाई, देख के मत चलो...आगे भी सड़क तुम्हारे बाप की है, पीछे भी तुम्हारे पप्पा की है। बाएं-दाएं देखने और सोचने की क्या ज़रूरत है। जैसी मर्ज़ी हो, वैसे…
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