Author Archives: badalav - Page 3

बिहार/झारखंड

हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना… रे कबीरा, न बदला जमाना

श्वेता जया पांडे अगर आप कबीर को एक महान शख्सियत बताते हैं और उनकी महान ज़िंदगी से कुछ सीखने की सीख देते हैं तो सबसे पहले आपको ये सोचना होगा…
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परब-त्योहार

अतिवादों के दौर में गांधी की चर्चा और विनय का स्मरण

अखिलेश्वर पांडेय 24 जून 2018 को कोलकाता स्थित भारतीय भाषा परिषद के सभागार में विनय तरुण स्मृति समारोह-2018 का आयोजन हुआ। भारतीय भाषा परिषद की मंत्री विमला पोद्दार ने सभी…
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आईना

हैरी पॉटर से कहीं ज्यादा पॉपुलर रहा खत्री का उपन्यास चंद्रकांता

वीरेन नंदा बात 1963 की है, तब मैं नौ साल का था और एक फ़िल्म मुजफ्फरपुर के चित्रा टॉकीज में  लगी थी, राज कपूर की संगम। हमउम्र दोस्तों को घर…
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गांव के नायक

वरिष्ठ पत्रकार पद्मपति शर्मा ने किया देहदान का ऐलान

पद्मपति शर्मा के फेसबुक वॉल से हो गयी देह दान की औपचारिकता पूरी। गत शुक्रवार, 15 जून को शपथ पत्र का काम कचहरी में एडवोकेट कन्हैया यादव भैया के सहयोग…
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मेरा गांव, मेरा देश

स्वामी सहजानंद के मंत्र और किसानों का दमन चक्र

ब्रह्मानंद ठाकुर   किसान आंदोलन के महान नेता स्वामी सहजानन्द सरस्वती की आज  पुण्यतिथि है। स्वामी सहजानंद को गुजरे 68  बरस बीत गये लेकिन इस दौरान देश के किसानों की…
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चौपाल

मोदी पर नई किताब “ग्लोबल लीडर” और राष्ट्र की उम्मीदें

गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली को किताब भेंट करते हुए राधे कृष्ण और हरिगोविंद विश्वकर्मा । जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के रास्ते अलग हो गए हैं । अब…
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माटी की खुशबू

पेड़ों की छांव तले रचना पाठ की 45वीं गोष्ठी सम्पन्न

  “जीवन की सार्थकता” विषय पर गीतों , कविताओं और गजलों से परिपूर्ण “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 45वीं साहित्य गोष्ठी वैशाली सेक्टर चार, स्थित हरे भरे मनोरम…
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चौपाल

शिक्षा तंत्र के श्राद्ध कर्म के बीच नारद कमीशन

ब्रह्मानंद ठाकुर जिन लोगों ने श्रीलाल शुक्ल का राग दरबारी पढा है, उन्हें नारद कमीशन भी पढना चाहिए। राग दरबारी जहां स्वातंत्रोत्तर भारत के  तत्कालीन सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक…
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आईना

चंपारण सत्याग्रह के सौ बरस- गांधी के संकल्प का एक और पाठ

पशुपति शर्मा कोलकाता में विनय तरुण स्मृति कार्यक्रम हो रहा है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र 'अपनी हांडी अपनी आंच' सत्र में पुष्यमित्र की पुस्तक चंपारण 1917 पर परिचर्चा रखी गई…
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गांव के नायक

बूढ़ी अम्मा के साथ केले के पत्तल पर डीएम के दो निवाले

80 साल की बूढ़ी माता। घर में बिल्कुल अकेली। कई दिनों से भूखी। बीमार अवस्था में पड़ी हुई। खाना-पीना और ठीक से उठना-बैठना भी दूभर। हर पल भगवान से उठा…
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