Author Archives: badalav - Page 3

चौपाल

‘सुशासन बाबू का फ़ैसला गांधीद्रोह से कम नहीं’

पहली बार जिस खपरैल में गांधी का स्कूल शुरु हुआ था ब्रह्मानंद ठाकुर बिहार सरकार के एक फैसले को लेकर पिछले दिनों अखबारों में 'बुनियादी विद्यालयों को खत्म करने पर…
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मेरा गांव, मेरा देश

पारदर्शी कैबिनेट में गांधी का चरखा और समय का चक्र

धीरेंद्र पुंडीर “ अगर हमने गांधी को विश्व की शांति के लिए एक मसीहा के रूप में जन-मन तक स्थिर करने में सफलता पाई होती तो United Nations का General…
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परब-त्योहार

मेघदूत में ‘राम की शक्तिपूजा’

संगम पांडेय कथक नृत्यांगना प्रतिभा सिंह निर्देशित प्रस्तुति ‘राम की शक्तिपूजा’ में सबसे ज्यादा जो चीज दिखती है वो है मनोयोग। उनके नाट्यग्रुप ‘कलामंडली’ में शास्त्र-निपुण कलाकारों से लेकर दिल्ली…
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मेरा गांव, मेरा देश

जाति न पूछो अपराधी की…

राकेश कायस्थ अगर लालू यादव केवल इसलिए दोषी करार दिये गये क्योंकि उनका नाता पिछड़े समाज से हैं तो फिर ए.राजा और कनिमोड़ी टू जी में कैसे छूट गये? हर…
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चौपाल

गांधी के 3 बंदर गायब हो गए… और उनके मंत्र?

धीरेंद्र पुंडीर ये तो गांधी जी की सत्याग्रह की जगह है जहां से गांधी जी ने सत्याग्रह किया है। वहां पर छुआछूत रख रहे तो पूरे भारत का क्या हाल…
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बिहार/झारखंड

महात्मा गांधी के चम्पारण में हाशिए पर किसान

फ़ाइल फोटो ब्रह्मानंद ठाकुर आज 23 दिसंबर है यानी किसान दिवस, जो किसान नेता चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के मौके पर मनाई जाती है, लेकिन इस बार किसान दिवस…
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मेरा गांव, मेरा देश

गुजरात- NCP, BSP ने क्या वाकई कांग्रेस का खेल बिगाड़ा?

शिरीष खरे गुजरात चुनाव के नतीजों के बाद आंकड़ों के आईने से अलग-अलग विश्लेषक अपनी-अपनी तरह से तस्वीरें दिखा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार फिर राज्य के…
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बिहार/झारखंड

दमन चक्र को तोड़ रहे हैं युवा कथाकार

अखिलेश्वर पांडेय मौजूदा समय में लिखी व प्रकाशित हो रही कहानियों का विमर्श उनकी रचनात्मकता का सबसे बड़ा पैमाना बन गया है. सिर्फ संपादक ही नहीं बल्कि युवा कहानीकार भी…
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मेरा गांव, मेरा देश

पटाखे धीरे चलाओ, स्क्रीन हिली तो सीटें कम हो जाएंगी!

धीरेंद्र पुंडीर ये जीत का जश्न फीका है, ये हार का स्वाद मीठा है। ये गुजरात की उलटबांसी है। सिर्फ जनता चाणक्य है बाकि सब मुहावरे हैं। करोड़ों के कमलम…
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चौपाल

‘आनंद का दिन’ और ‘नैतिक जीत’ का निहितार्थ

शशि शेखर (फेसबुक वॉल से साभार) ‘जो जीता वही सिकंदर’ और ‘हारे को हरिनाम’। ये दो ऐसी कहावते हैं, जिन्हें हम चुनाव दर चुनाव पढ़ते-सुनते आए हैं। गुजरात के परिणामों…
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