दीवार पर रेणु, चौकी पर ईयान बाबू। सभी चेहरों पर मुस्कान। ये पूर्णिया की माटी है भाई।

सत्येंद्र कुमार

शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद इनके लिए भी आप बोल सकते हैं। बहुत ही दिलचस्प और जानदार शख़्स हैं। ये ऑस्ट्रेलिया से आकर पूर्णिया में रहते हैं, भारत की माटी, भाषा को सीने से लगाते हैं और पूर्णिया समेत पूरे भारत को ऑस्ट्रेलिया में जीते हैं। बिहार, यूपी, महाराष्ट्र में इन्होंने काफी वक़्त बिताया है। ट्विटर पर इनका पता @iawoolford है। इसी पते पर इनसे मेरी मुलाकात हुई। जब असली ठिकाना खोजा तो पता चला कि ईयान बाबू UK में जन्मे अमेरिकन हैं, ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। मेलबोर्न के La Trobe (लाट्रोब) विश्‍वविद्यालय में हिंदी भाषा और साहित्‍य के प्राध्‍यापक हैं। फणीश्वरनाथ रेणु पर किताब लिख रहे हैं। हिंदी के प्रति इनकी दीवानगी आप ट्विटर पर इनको फॉलो कर समझ सकते हैं। मैं भी ट्विटर पर हिंदी में इनके ट्वीट्स देखकर दीवाना हो गया।

24 अगस्त को आपने ट्वीट में बताया कि शनिवार (29 अगस्त) को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में मोहन राकेश का नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ प्रस्तुत किया जाएगा! इस ट्वीट के साथ ईयान बाबू ने मोहन राकेश की एक लाइन भी ट्वीट की…

मैं यद्यपि तुम्हारे जीवन में नहीं रही, पर तुम मेरे जीवन में सदा बने रहे हो”

बिहारी लोकगीत, यूपी के आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर में शादी-विवाह के मौके पर गाए जाने वाले गीत (गारी) को भी अक्सर अपने ट्वीट्स में जगह देते हैं।

चलू मन….चलू हे मन

कि आहो ससुरार जइबे हो रामा

कि आहो रामा…नैहरो में अगीया लगाइबे रे

-बिहारी लोकगीत

आजमगढ़ में कजरी महोत्सव हो या बिहार के अररिया में इंद्रधनुष साहित्य परिषद में मनाई गई हरिशंकर परसाई और आरसी प्रसाद सिंह की जयंती, इन्हें बखूबी याद रहती है। भारत के बड़े साहित्यकारों की जयंती और पुण्यतिथि ईयान बाबू कभी नहीं भूलते। ‘अदा’ जाफरी के जन्मदिन पर ईयान बाबू ने उन्हीं की पंक्ति को ट्वीट कर उन्हें याद किया।

कोई बात ख़्वाब ओ ख़याल की जो करो तो वक़्त कटेगा, अब हमें मौसमों के मिज़ाज पर कोई ऐतबार कहाँ रहा ~ ‘अदाज़ाफ़री

 दुनिया के पगले शुद्ध पगले होते हैं- भारत के पगले आध्यात्मिक होते हैं।” ~ हरिशंकर परसाई (आध्यात्मिक पागलों का मिशन‘)

दया धर्म का मूल है पाप मूल अभिमान। तुलसी दया न छाड़िए जब लग घट में प्राण॥ – गोस्वामी तुलसीदास

ख़त्म होती कजरी परंपरा का जिक्र करते हुए ईयान बाबू ने लिखा- यूपी के गांवों में महिलाएं आज भी कजरी गाती हैं. शायद ये गीत पहले से कम गाए जाते हैं, फिर भी ये परंपरा जीवित है।

तरसत जियरा हमार नैहर में

बाबा हठ कीनो, गवनवा न दीनो

बीत गइली बरखा बहार नैहर में…

रेणु स्मृति पर्व अररिया में स्त्री-विमर्श का इतर पक्ष @ विदापत नाच की झलकी भी इनके ट्विटर वॉल पर मिल जाएगी। हिंदी के छात्रों को ईयान बाबू के ट्विटर अकाउंट को फॉलो करना चाहिए। यहां ज्ञान के साथ हास्य और व्यंग्य का पुट भी मिलेगा। प्याज की बढ़ती कीमतों पर ईयान बाबू ने कुछ इस तरह से व्यंग्य किया- हम तुम एक कमरे में बंद हो, और प्याज़ खो जाए

ये तो कुछ उदाहरण हैं। ऐसे सैकड़ों ट्वीट्स इनके ट्विटर वॉल पर देख सकते हैं। एक भारतीय होकर जिन्हें हम भूलते जा रहे हैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले ईयान बाबू हमें याद दिलाते हैं।

डेविड वार्नर! हिंदी क्यों नहीं सीख लेते?

ईयान बाबू पूरी लगन से हिंदी की सेवा करने में लगे हैं और ऑस्ट्रेलिया में वहां के नागरिकों, छात्रों को हिंदी सिखाते हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जब डेविड वार्नर और रोहित शर्मा के बीच भाषा को लेकर विवाद हुआ था उस समय ईयान बाबू हिंदी के पक्ष में बोले। और डेविड वार्नर से कहा कि वे हिंदी क्यों नहीं सीख लेते?

“Australian cricketer David Warner just asked Indian cricketer Rohit Sharma to “speak English.” This is offensive. It is also embarrassing. Hindi is one of the most widely-spoken languages in the world. There may be more native speakers of Hindi than there are of English, and there are considerably more cricket players in India than there are here in Australia. So cricket is discussed in Indian languages a lot. Indian’s discuss cricket in Hindi, in Bangla, in Tamil, in Panjabi, in Gujarati, in Bhojpuri, in Telugu, and many more Indian languages. Yes, they also discuss cricket in English.

 Australia is located right by Asia—within Asia, even. Consequently, many Australians are learning Asian languages, to improve their employment prospects, to broaden their international outlook, and to better acknowledge Australia’s place in the world. As Hindi is increasingly recognised as a global language, a growing number of Australian students are adding Hindi to their studies.

Instead of getting upset when people speak a language you cannot understand, why not learn a foreign language yourself? There are so many benefits in doing so. If David Warner wanted to learn Hindi, He could take a course at the Australian National University, or in my program at La Trobe University. We could even teach him via distance learning. Anything to help him greet Rohit Sharma next time with a friendly “आप कैसे हैं?

If you’ll excuse me. I think I should go work up a unit on “cricket Hindi” for my students this year.

 

ऐसे वक्‍त में जब हिंदी से जुड़े देसी लोग भी हिंदी को लेकर उपेक्षा का नजरिया रखते हैं और अपने बाद की पीढ़ी को दूसरी prem chand bday in ausअंतर्राष्‍ट्रीय भाषाओं की सड़क पर चलने को कहते हैं, ईयान का स्‍टैंड काबिलेतारीफ़ है। ईयान बाबू ने अपने ब्‍लॉग Hindi in Oz  (ianwoolford.wordpress.com) पर इस बारे में लिखा है। ईयान बाबू की हिंदी में कई कविताएं भी हैं।

बंडूरा में कंगारू

“ऑफ़िस या घर जाते हुए मैं रोज़ बंडूरा के ग्रेसवेल फ़ॅरेस्त में कई कंगारू देखता हूं. चलते चलते मैं कभी कभी अपने मन में कविता लिखता हूँ” जैसे ये− जब भी मैं देखता हूँ वन में कंगारू

जब भी मैं देखता हूँ वन में कंगारू, लग रहा है कि हम रहते गंवारू

रात भर पीता हूं बोतल या दारू, कहता−क्या इस बार चलेगा झाड़ू?

फणीश्वरनाथ रेणु, प्रेम चंद्र, मोहनलाल शर्मा, कथाकार गोविंद मिश्र, मैथलीशरण गुप्त, अमजद इस्लाम अमजद, शिवमंगल सिंह ‘सुमन’, सुमित्रानंदन पंत, माखनलाल चतुर्वेदी जैसे महान साहित्यकारों, कथाकारों और कवियों को अपने दिल में लेकर भारत से ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के अन्य देशों में घूमने वाले, हिंदी और हिंदुस्तान से प्यार करने वाले ईयान बाबू को सलाम।


satyendra profile imageसत्येंद्र कुमार यादव फिलहाल इंडिया टीवी में कार्यरत हैं । उनसे मोबाइल- 9560206805 पर संपर्क किया जा सकता है।


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