जयापुर ने मनाया ग्राम गौरव दिवस

अरुण प्रकाश

7 नवंबर 2015 की वो तारीख देश हमेशा याद रखेगा । ये वही तारीख है जब देश के प्रधानमंत्री के ‘गांव’ ने अपना जन्मदिन मनाया। नये साल की शुरुआत के साथ ही इस रिपोर्ट को आपके साथ साझा करने का मकसद साफ है। साल के 365 दिनों में कम से कम 3650 गांव अपना जन्मदिन मनाए और उनकी रिपोर्ट हम बदलाव पर आपके साथ शेयर करें।

साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांवों से अपना जन्मदिन मनाने की अपील की थी। साल के आखिरी दिनों में पिछले दिनों जब हमने ये टटोलने की कोशिश की कि आखिर अब तक कितने गांवों ने अपना जन्मदिन मनाया तो इस दौरान ये जानकर ताज्जुब हुआ कि ये रिकॉर्ड तलाशना आसान नहीं। हां, पीएम की अपील का असर उनके गोद लिए गांव जयापुर में तो होना ही था।

jayapur village2पिछले साल 4 नवबंर से लेकर 7 नवंबर  तक जयापुर में उत्सव का माहौल रहा । पूरा गांव दुल्हन की तरह सजाया गया । बच्चे, बूढ़े या फिर महिलाएं हर कोई जश्न की तैयारियों में ऐसे लगा था जैसे किसी के घर बेटी की शादी हो। बेटियों ने गांव की गलियों को रंगोली से रंग डाला। इस दौरान गांव की बेटियों के इस हुनर को लोग देखते ही रह गए। गांव वालों ने इस दौरान कला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। इन चार दिनों में हर दिन अलग-अलग सामाजिक कार्यों के लिए रखा गया। एक दिन कला प्रतियोगिता हुई तो वहीं दूसरे दिन गांव को हरा-भरा रखने के लिए जगह-जगह पेड़ लगाए गए । खास बात ये है कि इस काम के लिए गांव की बेटियों को आगे किया गया। हर किसी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गली-मोहल्ले हों या फिर सड़क का किनारा हो, हर तरफ पेड़ लगाए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार जयापुर आए और उसे औपचारिक रूप से गोद लेने का ऐलान किया था, उसी दौरान पीएम ने लोगों से पौधा रोपण की भी अपील की थी लिहाजा लोगों ने इसकी शुरुआत गांव के पहले जन्मदिन के मौके से की।

jayapur villageजयापुर गांव के नवनिर्वाचित प्रधान श्रीनारायण बताते हैं कि इस दौरान गांव की बुजुर्ग महिलाओं को सम्मानित किया गया। 90 से ज्यादा बसंत देख चुकीं इन महिलाओं को तत्कालीन ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी की ओर से एक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कई राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहीं ।सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ 7 नवंबर को ग्राम गौरव दिवस के साथ जयापुर के जन्मदिन के जश्न का समापन हुआ। ग्राम प्रधान श्रीनारायण की जेहन में वो पल आज भी ताजा हैं। वो बताते हैं कि इस मौके पर गांव की एकता देखते ही बन रही थी। करीब 365 लीटर दूध की खीर बनाई गई। खीर के लिए हर घर से दूध इकट्ठा किया गया। बिना किसी औपचारिकता के हर कोई खुद-ब-खुद अपने घर से दूध लाया और गांव के जश्न का हिस्सा बना। जश्न के आखिरी दिन वातावरण को शुद्ध रखने के लिए हवन पूजन हुआ और जलसे के आखिर में खीर को बतौर प्रसाद पूरे गांव में बांटा गया ।

jayapur village3जयापुर गांव में आज हर वो चीज मौजूद है जो एक आदर्श गांव में होनी चाहिए। हर घर को साफ और स्वच्छ पानी मिल रहा है। गांव की बहू-बेटियों को अब खुले में शौच नहीं करना पड़ा। लड़कियों को पढ़ने के लिए अब गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता। पैसे के लेन-देन के लिए बैंक गांव की चौखट पर बने हैं। अगर कुछ कमी है तो बस रोजगार की, जिसे पूरा करने की मुहिम में गांव के नये प्रधान जुट गए हैं। वो जल्द ही इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली जाने की बात करते हैं।

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अरुण प्रकाश। उत्तरप्रदेश के जौनपुर के निवासी। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र। इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय। 


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