17 बरस के हो गए गिरीश मिश्र के ‘क्रांति-सूत्र’

आनन्दवर्धन प्रियवत्सलम 4 फरवरी को पटना के बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के दफ्तर में दर्जनों पत्रकार जुटे। गिरीश मिश्र को

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मुद्रा स्कीम में लोन हासिल करना ही बड़ी चुनौती-पीड़ित

‘यहां तक आते-आते सूख जाती हैं नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा होगा । वैसे तो कवि दुष्यंत ने

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भुईली के ‘रायबहादुरों’ ने दिल्ली में लिया बड़ा संकल्प

संजीव कुमार सिंह सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने की कहावत खूब सुनी है, लेकिन इस बार अपने अरमानों पर ओले

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‘शिक्षा के दंगल’ में बिहार की बेटियां गुजरात पर भारी

ब्रह्मानंद ठाकुर बालिका शिक्षा के मामले बाईब्रेन्ट गुजरात की असलियत क्या है, यह आ़ंकड़े बता रहे हैं। जहां बिहार ने

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कितने पत्रकारों की हत्या के बाद जागेगी सरकार?

पुष्यमित्र घुमक्कड़ पत्रकारिता की अपनी नौकरी की वजह से अक्सर ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकार साथियों से मिलना-जुलना होता रहता है।

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8 घंटे की नौकरी और पगार महज 42 रुपये

ब्रह्मानंद ठाकुर मुंशी प्रेमचंद की कहानी सद्गति का किरदार घासीराम हो या फिर रामवृक्ष बेनीपुरी के ‘कहीं धूप कहीं छाया’

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