टीम बदलाव पिछले कुछ दिनों से मीडिया के साथियों के निधन की ख़बर विचलति करने लगी है । ऐसा कोई
Author: badalav
पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…
दयाशंकर आपके परिवार में कौन-कौन है. मैं पत्नी और दो बच्चे. अब परिवार का यह सामान्य परिचय हो गया है.
महाराणा प्रताप के आखिरी ठीये की मेरी पहली यात्रा
जयंत कुमार सिन्हा हिंदू-मुसलमान के बीच पनप रहे घिन्न भरे माहौल में एक ऐसा मुस्लिम सहकर्मी मिला, जिसने तड़क-भड़क की
मधेपुरा में विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर बच्चों ने भावुक कर दिया
बदलाव प्रतिनिधि बदलाव और ढाई आखर फाउंडेशन की साझा पहल को मधेपुरा के वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षा के क्षेत्र में
हमारे पोते-पोतियों को हमसे दूर मत करो भाई- दिल की आवाज़
ब्रह्मानंद ठाकुर बदलाव पाठशाला के प्रथम सालगिरह और विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर 2 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर के
पुलिस और आम जनता का ऐसा मिलन हो तो क्या कहना?
अखिलेश कुमार के फेसबुक वॉल से साभार 30 सितंबर को सोनथा (कोचाधमन), किशनगंज में नवोदय अलुम्नी असोशिएसन बिहार, (किशनगंज चैप्टर)
विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर गाजियाबाद में स्नेहन भरी एक शाम
टीम बदलाव बुजुर्गों के अकेलेपन की त्रासदी कितनी गंभीर होती जा रही है? एक उम्र के बाद क्यों समाज अपने
दिल्ली से बिहार तक आज बुजुर्गों के मन की बात
महानगरीय जीवन में सिकुड़ते परिवार और रिश्तों में बढ़ती दूरियों के बीच बुजुर्गों के महत्व को रेखांकित करने की कोशिश
पुरखों को याद करें, लेकिन बुजुर्गों की इज्जत करना ना भूलें
ब्रह्मानंद ठाकुर घोंचू भाई आज साइकिल से बाजार गये हुए थे। लौटने में देर हो रही थी। हम मनोकचोटन भाई
30 सितंबर को आइए और समझिए हमने अपने बुजुर्गों को कैसी ज़िंदगी दी
टीम बदलाव विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस की पूर्व संध्या पर बदलाव और ढाई आखर फाउंडेशन की ओर से ‘कल और
