हिंदी अकादमी की बाल रंगमंच कार्यशाला का समापन, बच्चों ने ‘खुदीराम बोस’ नाटक से बांधा समां

हिंदी अकादमी की बाल रंगमंच कार्यशाला का समापन, बच्चों ने ‘खुदीराम बोस’ नाटक से बांधा समां

राजधानी के आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन सभागार में बुधवार की शाम देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई. अवसर था हिंदी अकादमी द्वारा आयोजित 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला के समापन समारोह का, जिसमें बाल कलाकारों ने महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस के जीवन पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को भावुक कर दिया. नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी कंचन ने किया.

एक माह के प्रशिक्षण से निखरी प्रतिभा

4 जून से शुरू हुई इस कार्यशाला में 24 बाल कलाकारों ने भाग लिया. एक महीने तक चले सघन प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को अभिनय, संवाद अदायगी, मंच अनुशासन और शारीरिक अभिव्यक्ति की बारीकियों से परिचित कराया गया. बदलाव से बात करते हुए कार्यशाला एवं नाटक का सहायक निर्देशक पुष्कर सागर ने बताया कि उन्होंने देहरादून स्थित स्पर्श हिमालय यूनिवर्सिटी से रंगमंच का प्रशिक्षण प्राप्त किया है. उनका प्रयास रहा कि विश्वविद्यालय में प्राप्त अपने अनुभव और सीख को बच्चों तक पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल अभिनय सिखाना नहीं था, बल्कि बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और रचनात्मक सोच का विकास करना भी था.

मंच पर जीवंत हुआ खुदीराम बोस का बलिदान

समापन अवसर पर मंचित नाटक ‘खुदीराम बोस’ में बच्चों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले युवा क्रांतिकारी के जीवन और बलिदान को सजीव रूप में प्रस्तुत किया. कलाकारों का आत्मविश्वास, संवाद अदायगी और मंचीय प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि पूरा सभागार कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

शिक्षा, संस्कार और देशभक्ति का संगम

कार्यशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और क्रांतिकारियों के त्याग से परिचित कराना था. रंगमंच के माध्यम से बच्चों में सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया.कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की. उनका कहना था कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास, अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *