Archives for मेरा गांव, मेरा देश - Page 51

चौपाल

विकास की आड़ में ‘विनाश’ का मीठा ज़हर घुल रहा है ?

एम अखलाक ''भारत का पूंजीवादी विकास मॉडल शोषण पर आधारित है। इससे समाज का एकतरफा विकास हो रहा है, जबकि विकास सबकी जरूरत है। हमें तय करना होगा कि विकास…
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चौपाल

बलिहारी गुरु आपनो, जीवन दियो सिखाय

दीपक कुमार जीवन में गुरु की महत्ता से कोई भी इंकार नहीं कर सकता है। आज के आधुनिक दौर में भले ही इंटरनेट और कंप्यूटर ने शिक्षा प्रणाली में अपनी…
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आल्हा-ऊदल की धरती पर कजरी के रंग

कीर्ति दीक्षित कहते हैं जो सभ्यता या संस्कृति वक्त के साथ खुद में बदलाव नहीं लाती वो दम तोड़ देती है, कुछ ऐसा ही परंपराओं के साथ भी है ।…
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मेरा गांव, मेरा देश

फरक्का बांध, सिल्ट और नदियों की अविरल धारा

पुष्यमित्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरक्का बराज की वजह से गंगा नदी और बिहार को होने वाले नुकसान का मसला उठा कर एक नयी बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा…
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चित्रकूट का रोमांच और आनंद

चित्रकूट से होकर बहती मंदाकिनी नदी। फोटो- बरुण सखाजी बरुण के सखाजी अगर आपके पास 2 या 3 दिन हैं तो आपके लिए चित्रकूट एक अच्छी लोकेशन हो सकती है,…
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गांव की गलियां

शराबबंदी ने हमको हमारा गांव लौटा दिया

पुष्यमित्र बात अगस्त की एक सुबह की है। दिन के 11 बजे होंगे, मुजफ्फरपुर के मड़वन खुर्द गांव में लोगों का मजमा लगा था। औरत-मरद और बच्चे सभी एक जगह…
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परब-त्योहार

जन्माष्टमी मनाइए…लेकिन कृष्ण के उपदेशों को भूलिए नहीं

धीरज वशिष्ठ पूरे मानवता के इतिहास में कृष्ण अकेले ऐसे व्यक्तित्व हैं जो सभी आयामों में खिले हुएं हैं। कहीं वो बांसुरी बजाने वाले कृष्ण हैं तो कहीं सुदर्शनधारी कृष्ण,…
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परब-त्योहार

आस्था और अंधविश्वास के बीच दर्शन का आनंद

मैहर मंदिर परिसर में बरुण सखाजी (पीछे)। बरुण के सखाजी हम सपरिवार सुबह-सुबह मैहर रेलवे स्टेशन पर थे। हल्की बारिश और शारदा मंदिर की पहाड़ी कोहरे के आगोश में थी।…
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मेरा गांव, मेरा देश

गोवा जो मैंने देखा

देवांशु झा होटल के अलंकरण से बाहर निकलते ही द्रुमवितान विस्तृत है। दोनों ओर पेड़ों की हरी छतरी है। और सामने एक झोपड़ी, जिसके आगे तख्ती टंगी है, बार ।…
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गांव के नायक

लाडली ने रियो में रचा गान- जय सिंधु, जय हिंद

पीवी सिंधु के साथ देश की उम्मीदें जुड़ गई हैं। सोशल मीडिया पर अभी जय-जय सिंधु के बोल सुनाई दे रहे हैं। उन्हीं में से कुछ प्रतिक्रियाएं बदलाव के पाठकों…
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