Author Archives: badalav - Page 95

हमारे विकल्पों में युद्ध न हो, युद्ध का उन्माद न हो

पन्ना लाल करगिल और ट्रॉय की जंग। युद्ध की दो कथाएं। शौर्य और पराक्रम की दो दास्तान। करगिल की जंग हमने लड़ी और ट्रॉय ग्रीक माइथोलॉजी से निकला। महान यूनानी…
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बुलंदियों की ख्वाहिश में मिटा दिये दरभंगा के पोखर

पुष्यमित्र लहेरियासराय का बेता गामी पोखर, 2014 में पानी से लबालब। बेता गामी पोखर, अब साल 2016 में कुछ ऐसा दिखता है। लहेरियासराय के बेता गामी पोखर को इन दिनों…
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कच्ची ख्वाहिशें, पकता मन

बिहार के सुप्रसिद्ध चित्रकार राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की कृति। याद आये तुम जैसे याद आने लगते हैं बच्चे घर से बाहर जाते ही जैसे जान लगाकर उड़ती चिड़ियाँ को याद…
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थोड़ा खर्च और किसानों को 100 गुना मुनाफा

अरुण यादव गांवों में गेहूं की कटाई-मड़ाई हो चुकी हैं । लगन बारात भी निपटा चुका है लिहाजा किसान कुछ फुरसत में होंगे । इस वक्त गांव फोन करिये तो…
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कैंसर पीड़ित मासूमों के चेहरे पर ‘मुस्कान’ ही मकसद

सत्येंद्र कुमार यादव एम्स जाएं तो कैनकिड्स की मदद जरूर लें। आपकी मदद के लिए। दिल्ली के एम्स का नाम सुनते हैं लोंगों के मन में कई सवाल उठने लगते…
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आईएएस की ट्रेनिंग… गांवों को दिलाया स्वच्छता का संकल्प

उत्तराखंड के आबली गांव के लोगों को स्वच्छता के लिए जागरुक करते IAS अफसर । निशांत जैन 'स्वच्छ भारत का इरादा कर लिया हमने, देश से अपने, ये वादा कर…
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चैन से मरने न दिया…

जयंत कुमार सिन्हा संगम ने 'मोक्ष' के तीन मार्ग तय किये -जलाना, दफनाना और प्रवाह करना। संगम यानि इलाहाबाद। संगम यानि गंगा, जमुना और सरस्वती का मिलन। संगम यानी योग,…
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आपकी सजगता ही उनका जीवन है !

  उमेश कुमार लगभग डेढ़ साल पहले 04 दिसम्बर2014 को बरेली से लखनऊ की बस यात्रा के दौरान अखबार में छपी एक खबर पर मेरी नजर पड़ी । खबर का शीर्षक…
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… क्योंकि वह मेरी मां है!

माँ माँ यानि सिर्फ एक शब्द नहीं होता एक संस्कृति होती है एक संस्कार होता है एक परंपरा और एक पूरी की पूरी पाठशाला भी। माँ सिर्फ माँ होती है…
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कानपुर के घाटन की कथा … आंखिन देखी

संगम पांडेय सभी फोटो- साभार, संगम पांडेय के फेसबुक वॉल से। पिछले से पिछले हफ्ते कानपुर में होने से संक्षिप्त रूप से बिठूर जाना हुआ। करीब साल भर पहले जब…
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