Author Archives: badalav - Page 135

जी हुजूर! रिश्वत जान ले रही है, आप तो तमाशा देखिए

दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के सवाल पर राज्य सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं सरकार के अन्य नुमाइंदे सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यक्रमों में…
और पढ़ें »

गांवों में दरकती शादियां और बिखरती ज़िदगियां

मनीष मनोहर रौसरा निवासी कुमार गौतम की कृति। फेसबुक पेज से साभार। मैं बिहार के सुदूर उत्तरवर्ती जिला सुपौल का रहने वाला हूं और पढाई लिखाई करने के बाद पिछले 11…
और पढ़ें »

एक बार ये लिट्टी खा कर तो देखिए…

अनीश कुमार सिंह विनोद मुजफ्फरपुर के गांव से आकर दिल्लीवालों को चखा रहे हैं लिट्टी का स्वाद। जब पेट में चूहे दौड़ते हैं न साब तो आदमी ये नहीं सोचता…
और पढ़ें »

50 साल से खेतों में ही है उसका बसेरा

जमीन की रखवाली करती जेठिया बाई बरुण के सखाजी छत्तीसगढ़ के चिल्पीघाटी की पश्चिमी तलहटी में धबईपानी के पास 80 वर्षीय महिला जेठिया बाई अपने पूर्वजों के खेतों को कब्जे…
और पढ़ें »

नो क्रेकर्स मुहिम सिर्फ नारों-इश्तहारों तक

धुआं धुआं शहर दिवाली मनाई, हवा में जहर क्यों फैलाई? दिवाली पर मिठाइयां खाकर लोगों ने भले ही मुंह मीठा किया हो लेकिन पटाखे फोड़ कर दिल्ली समेत कई शहरों…
और पढ़ें »

इस दीवाली उसके घर रिद्धि-सिद्धि आई हैं!

पशुपति शर्मा काजू-किशमिश। कोमल फिलहाल इन्हें इसी नाम से पुकारती हैं। आज दीवाली है। आज के दिन हम हमेशा मां से रिद्धि-सिद्धि के किस्से सुनते आए हैं। लेकिन आज बात…
और पढ़ें »

दीवाली बिहारे में… बूझे काहे नहीं ‘शाह-बुझक्कड़’

शंभु झा बिहार चुनाव के नतीजों पर आपने काफी विश्लेषण और समीक्षाएं अब तक पढ़ ली होंगी। बड़े बड़े राजनीतिक पंडित, जिनके आकलन और अऩुमान चुनाव में धरे रह गए, अब फिर…
और पढ़ें »

‘जनता की राजधानी’, ये लड़ाई इतनी आसान भी नहीं

गैरसैंण, उत्तराखंड पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तराखण्ड की 'जनता की राजधानी' के नाम से विख्यात गैरसैंण में 2 नवम्बर से आयोजित विधान सभा सत्र पक्ष-विपक्ष के हो-हल्ले, आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ…
और पढ़ें »

बीजेपी का ‘चाणक्य’ क्यों फेल हो गया?

बिहार के चुनाव हो गए। नीतीश कुमार लगातार तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। लालू यादव की पार्टी दस साल के वनवास के बाद सत्ता में लौटेगी। लालू के दोनों…
और पढ़ें »

इस दिवाली भूल न जाना, कोई आपके भरोसे है!

सत्येंद्र कुमार यादव कहीं ऐसा ना हो बेटी धूप में जलती रहे और आप चीन के दीये जलाएं! इस दिवाली जरूर याद रखिएगा। ये बेटी आप के भरोसे मिट्टी के…
और पढ़ें »